जन्माष्टटमी पर सौ करोड़ से भी अधिक के आभूषणों से होगा राधा-कृष्ण का शृंगार

Aug 30 2026

ग्वालियर। जन्माष्टमी के अवसर पर इस बार भी गोपाल मंदिर में विराजमान राधा- कृष्ण का श्रृगार हीरा, मोती, पन्ना सहित कई बहुमूल्य जेवरों से किया जाएगा। जिसे लेकर प्रशासन और पुलिस द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। जन्माष्टमी 4 सितम्बर को श्रद्धा भाव के साथ मनाई जाएगी। एक तरफ जहां शह सनातन धर्म मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर, थाटीपुर स्थित द्वारिकाधीश मंदिर सहित कई जगहों पर जन्माष्टमी के मौके पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं लोग घरों और अन्य मंदिरों में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाएंगे। चूंकि शहर का बड़ा कार्यक्रम फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में आयोजित किया जाता है। इसलिए प्रशासन द्वारा अभी से इसकी तैयारियां शुरु कर दी गईं हैं।
ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में भगवान राधा- कृष्ण का 100 करोड़ के बेशकीमती गहनों से श्रृंगार 19 वर्षों से होता चला आ रहा है। सबसे पहले वर्ष 2007 में ये परंपरा शुरू हुई थी। बताया जाता है कि आजादी से पहले यह गहने भगवान ही पहने रहते थे, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से गहनों को बैंक के लॉकर में रखवा दिया गया। साल 2007 से परंपरा फिर शुरू हुई। तब से हर साल जन्माष्टमी पर लॉकर से निकाल कर भगवान को पहनाए जाते हैं।
105 साल पुराने इस मंदिर की स्थापना 1921 में ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक माधवराव प्रथम ने करवाई थी। उन्होंने भगवान की पूजा के लिए चांदी के बर्तन और पहनाने के लिए हीरे, मोती, पन्ना और अन्य बेशकीमती रत्नों से जड़े सोने के आभूषण बनवाए थे। इनमें 55 पन्नों का हार, सात लड़ी का हार, सोने की बांसुरी, नथ, जंजीर और चांदी के कई बर्तन शामिल हैं।
 गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान राधा-कृष्ण का महाशृंगार प्राचीन कीमती आभूषणों से होगा। सुबह 10 बजे बैंक के लॉकर से पुलिस सुरक्षा के बीच जेवर निकाले जाएंगे। दोपहर 12 बजे तक भगवान को आभूषण पहनाकर मंदिर के पट दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। रात 12 बजे पूजा- अर्चना के बाद आभूषण उतारकर सुरक्षा के बीच रात में ही बैंक खुलवाकर लॉकर में रखवाए जाएंगे।