14 दिवसीय हिंडोला उत्सव का पुष्प हिंडोले के साथ विराम

Aug 29 2026

ग्वालियर। सनातन धर्म मंदिर में हरियाली तीज से प्रारंभ हुए 14 दिवसीय हिंडोला उत्सव का भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में विराम हुआ। अंतिम दिन भगवान चक्रधर एवं गिरिराज धरण को मनोहारी पुष्प हिंडोले में विराजमान कर हिंडोला विहार कराया गया। मंदिर अध्यक्ष विजय गोयल, प्रधानमंत्री रमेशचंद्र गोयल लल्ला एवं कोषाध्यक्ष राकेश बंसल ने बताया कि भगवान चक्रधर एवं गिरिराज धरण का 14 दिवसीय हिंडोला उत्सव हरियाली तीज से प्रारंभ हुआ था। उत्सव के दौरान मुख्य पुजारी पंडित रमाकांत शास्त्री द्वारा भक्तों के मनोरथ एवं भावना के अनुरूप प्रतिदिन ठाकुर जी को विभिन्न प्रकार के आकर्षक हिंडोलों में विराजमान कर हिंडोला विहार कराया गया।
उत्सव के दौरान भगवान चक्रधर एवं गिरिराज धरण ने लता-वृक्ष, फैनी, घेवर, खिलौने, चंद्रकला, पोशाक, बिन्दी, मेहंदी, दीप-ज्योति, भुट्टे, सेव, केला, फल, मेवा एवं पुष्प सहित अनेक मनोहारी एवं आकर्षक हिंडोलों में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और ठाकुर जी को भक्ति भाव से हिंडोला झुलाते हुए मधुर भजनों का गायन किया। पूरे 14 दिनों तक मंदिर परिसर भक्ति, संगीत और उत्साह से सराबोर रहा।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मंदिर समिति द्वारा भगवान श्री चक्रधर एवं गिरिराज धरण के लिए विशेष रूप से नए हिंडोले बनवाए गए थे, जिनमें ठाकुर जी के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर भक्त श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। आज श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन पर्व पर भक्त श्रद्धालुओं ने भगवान चक्रधर एवं श्री गिरिराजधरण को रक्षा सूत्र बांधकर अपने स्नेह बन्धन में बांधा, अपने और अपने परिवारजन की मङ्गल कामना की।