रक्षाबंधन पर बहनों को दें सबसे अनमोल उपहार—नशामुक्त जीवन का संकल्प

Aug 28 2026

ग्वालियर। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के सुखद, सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। इस पावन पर्व पर जब बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है, तो भाई उसकी सुरक्षा और सम्मान का संकल्प लेता है। आज समय की आवश्यकता है कि इस संकल्प को एक नई दिशा देते हुए भाई अपनी बहन से और बहन अपने भाई से जीवनभर किसी भी प्रकार का नशा नहीं करने का संकल्प भी लें। नशा आज हमारे समाज और परिवारों के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। शराब, तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट तथा अन्य मादक पदार्थ न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा और आपसी संबंधों को भी प्रभावित करते हैं। अनेक परिवार नशे की वजह से तनाव, बीमारी और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। युवा पीढ़ी को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस रक्षाबंधन पर मैं आमजन से आग्रह करता हूं कि वे बहनों को केवल मिठाई, उपहार और वस्त्र ही न दें, बल्कि उन्हें नशामुक्त और स्वस्थ जीवन का उपहार देने का संकल्प लें। भाई अपनी बहन से कहे कि वह स्वयं कभी नशा नहीं करेगा और यदि कोई मित्र या परिवार का सदस्य नशे की गिरफ्त में है तो उसे भी नशा छोडऩे के लिए प्रेरित करेगा। इसी तरह बहन भी अपने भाई को नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित करे।
आइए, इस रक्षाबंधन हम रक्षा सूत्र के साथ नशामुक्ति का संकल्प सूत्र भी बांधें। अपने परिवार से नशे को दूर करने का संकल्प लें और समाज में स्वस्थ, संस्कारित एवं नशामुक्त वातावरण बनाने में अपना योगदान दें। इस रक्षाबंधन बहनों की रक्षा का सबसे बड़ा वचन यही हो— ‘न नशा करेंगे, न करने देंगे।‘हर परिवार का संकल्प—नशामुक्त परिवार, स्वस्थ परिवार।
हरिओम गौतम अध्यक्ष
रमन शिक्षा समिति, ग्वालियर