सुख-दु:ख में साथ निभाए, ऐसा पवित्र बंधन है रक्षाबंधन

Aug 27 2026

रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व है। आज के आधुनिक और व्यस्त समय में जीवन की भागदौड़ के कारण परिवार के सदस्यों के बीच दूरियाँ बढ़ती जा रही हैं। भाई-बहन भी पढ़ाई, नौकरी और अपने भविष्य की जिम्मेदारियों के कारण अलग-अलग स्थानों पर रहते हैं। ऐसे समय में रक्षाबंधन का त्योहार रिश्तों में अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखने का सुंदर अवसर देता है। रक्षाबंधन केवल बहन द्वारा भाई की कलाई पर राखी बाँधने और भाई द्वारा उपहार देने का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के सुख-दु:ख में साथ देने और हर परिस्थिति में सहयोग करने का संदेश देता है। आज के समय में भाई-बहन को एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करना चाहिए। यह पर्व हमें सिखाता है कि आधुनिकता चाहे कितनी भी बढ़ जाए, प्रेम और पारिवारिक रिश्तों का महत्व कभी कम नहीं होना चाहिए। आइए, इस रक्षाबंधन पर हम अपने रिश्ते को प्रेम, विश्वास, सम्मान और सहयोग से और मजबूत बनाने का संकल्प लें।
लेखक
कपिल भार्गव,आध्यात्मिक चिंतक एवं युवा अध्यक्ष सर्व ब्राह्मण महासंघ