भूमि डायग्नोस्टिक्स पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

Aug 24 2026

ग्वालियर। आधुनिक चिकित्सा में रेडियोलॉजी अब केवल बीमारी की पहचान और जांच तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इमेजिंग की सहायता से बिना बड़े ऑपरेशन के कई बीमारियों का उपचार भी संभव हो रहा है। इसी दिशा में ग्वालियर चम्बल संभाग की सबसे बड़ी रेडियोलोजी की संस्था भूमि डायग्नोस्टिक्स ग्वालियर, अवं एक सीख अकादमी द्वारा  अल्ट्रासाउंड गाइडेड बायोप्सी, माइक्रोवेव एब्लेशन एवं रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (आरएफए) विषय पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में डॉ. राधेश्याम मीणा ने फैकल्टी के रूप में एवं डॉ. वैभव खरे ने कोर्स कोऑर्डिनेटर के रूप में देश के विभिन्न हिस्सों से आये चिकित्सको को इन अत्याधुनिक एवं न्यूनतम चीर-फाड़ वाली तकनीकों की जानकारी तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
आयोजकों के अनुसार इस प्रकार की अल्ट्रासाउंड गाइडेड बायोप्सी एवं एब्लेशन तकनीकों पर केंद्रित हैंड्स-ऑन कार्यशाला मध्यप्रदेश में पहली बार आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के प्रमुख फैकल्टी डॉ. राधेश्याम मीणा, एमबीबीएस, एमडी (रेडियोडायग्नोसिस), पीडीसीसी एम्स ऋषिकेश (वैस्कुलर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी) वर्तमान में बीआईएमआर (बिरला) हॉस्पिटल, ग्वालियर में कंसल्टेंट इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। डॉ. मीणा को एम्स नई दिल्ली, वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली, आईएलबीएस नई दिल्ली तथा बीएमएचआरसी भोपाल जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त है। कार्यशाला के कोर्स कोऑर्डिनटोर डॉ. वैभव खरे, एमबीबीएस, एमडी (रेडियोडायग्नोसिस), डायरेक्टर, भूमि डायग्नोस्टिक्स रेडियोलॉजी के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा एवं मेडिकल पब्लिशिंग के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। वे मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित चर्चित पुस्तक ‘डीएनबी सीईटी रिव्यू’ अवं ‘एम्स मेडईजी’ के लेखक हैं, जिनके कई संस्करण प्रकाशित हुए। रेडियोलोजी शिक्षा के क्षेत्र में डॉ वैभव खरे के सराहनीय कदमो की वजह से उन्हे प्रेजिडेंट अप्प्रेसिअशन अवार्ड जनवरी 2026 से सम्मानित किया गया है।
दो दिवसीय कार्यशाला में चिकित्सकों को अल्ट्रासाउंड गाइडेड बायोप्सी, माइक्रोवेव एब्लेशन एवं रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन की तकनीक और उसके चिकित्सकीय उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई और प्रशिक्षण दिया गया। भूमि डायग्नोस्टिक्स द्वारा आयोजित इस वर्ष की दूसरी महत्वपूर्ण इंटरवेंशनल प्रशिक्षण पहल है। इससे पूर्व 24 एवं 25 जनवरी 2026 को भूमि डायग्नोस्टिक्स के अलकापुरी न्यू सिटी सेंटर स्थित केंद्र पर फिटल इंटरवेंशन व हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की गई थी।
यह कार्यक्रम वन लर्निंग एकेडमी के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें फादर मुलर मेडिकल कॉलेज, मंगलुरु के डॉ. मुरलीधर कमलापुर अतिथि फैकल्टी तथा डॉ. वैभव खरे कोर्स कोऑर्डिनेटर रहे थे। आयोजकों के अनुसार वह भी मध्यप्रदेश में अपनी तरह की पहली फिटल इंटरवेंशन हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यशाला थी। उन्नत चिकित्सा प्रशिक्षण के केंद्र के रूप में उभर रहा ग्वालियर जनवरी में फिटल इंटरवेंशन और अब अगस्त में अल्ट्रासाउंड गाइडेड बायोप्सी, माइक्रोवेव एब्लेशन एवं रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन की कार्यशाला के माध्यम से भूमि डायग्नोस्टिक्स द्वारा ग्वालियर में उन्नत इमेज गाइडेड चिकित्सा प्रशिक्षण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ऐसी अत्याधुनिक तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए चिकित्सकों की बड़े महानगरों पर निर्भरता कम करना तथा मध्यप्रदेश में ही उच्च स्तरीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इन दोनों प्रथम-प्रयास कार्यशालाओं के माध्यम से ग्वालियर को फिटल मेडिसिन, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी एवं आधुनिक इमेज गाइडेड चिकित्सा प्रशिक्षण के एक उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है।