असफलता की कसक के साथ निगमायुक्त हटे

Aug 22 2026

जितेन्द्र परिहार 

ग्वालियर। शासन द्वारा शुक्रवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 32 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के हस्ताक्षर से जारी इस सूची में निगमायुक्त संघप्रिय का भी नाम शामिल है। जिन्हें नगर निगम ग्वालियर से स्थानांतरित कर सिंगरौली जिला पंचायत सीईओ बनाया गया है।
 शासन द्वारा निगमायुक्त संघप्रिय को हटाकर उनके स्थान पर 2018 बैच के आईएएस अभिषेक चौधरी को निगमायुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्री चौधरी वर्तमान में सीईओ जिला पंचायत धार के पद पर कार्यरत हैं। निगमायुक्त संघप्रिय की विदाई अचानक जरूर हुई है लेकिन अप्रत्याशित नहीं कही जा सकती है। पिछले कुछ समय से लगातार भाजपा नेताओं द्वारा उनकी शिथिल कार्यप्रणाली को लेकर संगठन और शासन स्तर तक शिकायतें की गई। हैरानी की बात है कि चाहे भाजपा पार्षद रहे हो या फिर निगम में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी, दोनों ही दलों द्वारा निगम की लापरवाही को लेकर निगमायुक्त कार्यालय को घेरा जाता रहा है। इससे कहा जा सकता है कि युवा अधिकारी ग्वालियर की नब्ज समझे बगैर एकला चलो की राह पर चले इससे नेता और अधिकारियों के बीच खाई बढ़ती गई। एक युवा अधिकारी का इस तरह अचानक स्थानांतरण निश्चित ही उसकी वर्क परफॉर्मेंस के लिए उचित नहीं माना जाएगा।
कर्मचारियों पर कमांड कमजोर और बदहाल शहर 
वैसे तो अधिकारियों के लिए स्थानांतरण सर्विस पीरियड की एक आम प्रकिया है, लेकिन बिना उपलब्धि के बड़े जिले से सीधे छोटे जिले पहुंचना ठीक नहीं माना जाता है। जानकारों द्वारा स्थानांतरित होने के पीछे कुछ वजह बताई जा रही हैं। इनमें शहर में गुणवत्ता विहीन सडक़ों के निर्माण पर उदासीन रवैया, सीवर, जलभराव की शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेने में लापरवाही और निगम परिषद में पार्षदों की अनदेखी, ये कुछ ऐसे कारण रहे, जिनके कारण ग्वालियर ने संघप्रिय का संग नहीं दिया और उन्हें यहां से जाना पड़ा। 
नजरंदाज नहीं किया जा सकता हाल का घटनाक्रम
एक तरह से देखा जाए तो अगस्त का तीसरा हफ्ता निगमायुक्त संघप्रिय के लिए बहुत प्रतिकूल साबित हुआ। इस हफ्ते की शुरुआत यानि सोमवार को निगमायुक्त का परिषद से अचानक जाना और मंगलवार को भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास पर बीते जुलाई की घटना पर पुलिस कार्रवाई की बात से टकराहट कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी। इसके साथ ही बीमार गाय को लाल टिपारा गौशाला में भेजने वाली हिंमाचली मिश्रा द्वारा की गई शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय निगमायुक्त ने एमपीआरआरडीए के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर सब इंजीनियर हिमांचली मिश्रा के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की मांग कर दी। निगमायुक्त ने उन पर अनाधिकृत प्रदर्शन कर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। जबकि ये दोनों ही प्रकरण निगम की लापरवाही को इंगित करते हैं लेकिन कहीं न कहीं निगमायुक्त के उनके बचाव में नजर आए।