टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का काम अगले 3-4 महीने में काम शुरू हो जाएगा:अनीषा श्रीवास्तव

Aug 21 2026

ग्वालियर। देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लेकर चेम्बर भवन में पहली कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें ज्योरथ वेंचर्स इंटरनेशनल के सीईओ प्रमोद यादव और आईकैम्प के अंशुल एस सक्सैना ने 150 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव एमपीआरडीसी की कार्यकारी निदेशक अनीषा श्रीवास्तव को सौंपे। एमपीआईडीसी की कार्यर्कारी निदेशक ने बताया कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का काम अगले 3-4 महीने में काम शुरू हो जाएगा और 2 साल में यह प्रोजेक्ट तैयार हो जाएगा। कार्यशाला में दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के उपमहानिदेशक अनिल कुमार भारद्बाज, सहायक महानिदेशक ताबिश जावेद एवं कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।
एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि टीमएमजेड से ग्वालियरवासियों को लाभ हो हमारे यूथ जो प्रदेश से बाहर जा रहे हैं, उनका पलायन रूके। इसके लिए रोजगार के पोटेंशियल बढना आवश्यक है, इसके लिए प्रदेश सरकार द्बारा 5 हजार रूपये प्रति कर्मचारी के मान से वेतन एवं 13 हजार रूपये के मान से ट्रेनिंग सपोर्ट भी टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन में दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि निवशकों को 30 साल के लिए एक रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से लीज दी जाएगी। बिजली पर पांच साल तक दो रुपए प्रति यूनिट की रिबट दी जाएगी। इसके अलावा 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी अधिकतम 200 करोड़ रुपए तक दी जाएगी। सरकार की ओर से प्रति कर्मचारी पांच हजार रुपए वेतन और 13 हजार रुपए प्रशिक्षण सहायता भी दी जाएगी। टीएमजेड के लिए 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी अधिकतम 200 करोड़ रुपए दी जाएगी।
क्या होगा खास
प्लग एंड प्ले टेलीकॉम इकोसिस्टम: 5जी, 6जी, ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्किंग हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर उत्पादों का निर्माण
एक ही छत के नीचे: डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्यूफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट की सुविधा।
बैठक का संचालन कर रहे मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि जब चेम्बर पदाधिकारियों ने केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर उनसे आग्रह किया कि टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन की जानकारी चाहिये तो  मंत्री सिंधिया ने हमारे आग्रह को स्वीकार कर, तुरंत इस कार्यशाला की तिथि निर्धारित की। ग्वालियर अंचल को इसका लाभ अवश्य मिलेगा।
इस पर चेम्बर अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि निवेश को लेकर यह नवनिर्वाचित टीम का पहला कार्यक्रम है। चेम्बर लगातार बैठकें आयोजित कर निवेशकों के सुझाव संकलित करेगा और उन्हें दूरसंचार विभाग को भेजेगा।