रैगिंग की संभावना दिखे तो तत्काल दें सूचना, टलेगी अप्रिय घटना: प्रो. सिंह

Aug 18 2026

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग वीक के तहत प्रबंध अध्ययनशाला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. एसके सिंह ने विद्यार्थियों को रैगिंग से दूर रहने और जरूरतमंद साथी की मदद करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मदद करना सामान्य मानवीय भाव है, जबकि रैगिंग विकृत मानसिकता का परिचायक है। प्रो. सिंह ने कहा कि रैगिंग जैसी अमानवीय घटना में किसी भी रूप में शामिल नहीं होना चाहिए। रैगिंग की संभावना या घटना की जानकारी तत्काल संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को देना प्रत्येक विद्यार्थी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन जीवन का सबसे बेहतरीन और महत्वपूर्ण समय होता है। इसका आनंद तभी लिया जा सकता है, जब विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से परस्पर सहयोग, संवेदनशीलता और सकारात्मक व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। साथ ही रैगिंग से पूरी तरह दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. जेएन गौतम ने कहा कि विद्यार्थियों को रैगिंग से दूर रहना चाहिए। रैगिंग से जुड़ी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल शिक्षकों अथवा कुलानुशासक मंडल के सदस्यों को दें। समय पर सूचना मिलने से किसी अप्रिय घटना को रोका जा सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. स्वर्णा परमार ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहने और विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रियदर्शिनी नागौरी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. रितु चौहान, डॉ. स्वाति विश्नोई सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।