सोच को सकारात्मक दिशा देना बेहद जरुरी-बीके प्रहलाद

Aug 18 2026

ग्वालियर। वीआईएसएम कॉलेज में चल रहे 15 एमपी बटालियन एनसीसी के संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन एवं मेडिटेशन विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कैंप कमांडेंट एवं कमांडिंग ऑफिसर कर्नल श्री डी.एस. वर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक एवं मोटिवेशनल स्पीकर राजयोगी बीके प्रहलाद भाई उपस्थित रहे। उन्होंने कैडेट्स को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने तथा राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत और एकाग्र बनाने के व्यावहारिक तरीके बताए। बीके प्रहलाद भाई ने कहा कि परिस्थितियां हमारे नियंत्रण में हमेशा नहीं होतीं, लेकिन परिस्थितियों के प्रति हमारी सोच और प्रतिक्रिया हमारे नियंत्रण में होती है। सकारात्मक सोच का अर्थ समस्याओं को नकारना नहीं, बल्कि समस्या के बीच समाधान की संभावना को देखना है। उन्होंने कहा कि आज के युवा जीवन में अनेक प्रकार के दबाव और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। पढ़ाई, प्रतियोगिता, भविष्य की चिंता और आपसी अपेक्षाओं के कारण तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में मन को मजबूत बनाना और अपनी सोच को सकारात्मक दिशा देना बेहद आवश्यक है। राजयोगी बीके प्रहलाद भाई ने मेडिटेशन की उपयोगिता बताते हुए कहा कि मेडिटेशन मन को विचारशून्य करने का नाम नहीं, बल्कि विचारों को सही दिशा देने की कला है। कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा चलाये जा रहे है 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा अभियान के तहत सभी को हर प्रकार के नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त भारत एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देने के लिए संकल्प भी कराया।
कार्यक्रम में 400 से अधिक एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की और सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन एवं मेडिटेशन के माध्यम से मानसिक एकाग्रता एवं आत्मबल बढ़ाने के महत्वपूर्ण गुर सीखे।
इस अवसर पर कर्नल संजीव सरीन एवं सूबेदार मेजर जाफर अली, सुनील पाठक, दीपा यादव, शिवा, रचना भदौरिया, रामप्रकाश राजपूत, साहब सिंह, कुलवीर सिंह, मंगल सिंह, ब्रजेश भदौरिया, सुधीर, श्रवण सहित एनसीसी के अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।