विद्यार्थियों के मध्य एक युवा संवाद का आयोजन किया गया

Aug 12 2026

ग्वालियर। ओजस्विनी विचार मंच महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उत्कृष्ट कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में विद्यार्थियों के मध्य एक युवा संवाद का आयोजन किया गया जिसका विषय था भारत का भविष्य-जैन जी। आज का भारत तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है इस परिवर्तन काल में अति आवश्यक है कि हम अपनी युवा पीढ़ी को उचित मार्गदर्शन दें ताकि वह अपनी क्षमता, ऊर्जा और समय का उपयोग सही दिशा में कर सके। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के दो युवा वक्ता सोमेश वाधवानी और सुश्री स्तुति बुधौलिया उपस्थित थे। वक्ताओं ने कहा भारत में पुरातन काल से जैन जी की उम्र में इतिहास रचने वाले अनेक महापुरुष हुये हैं। आदि शंकराचार्य ने मात्र 21 वर्ष में श्रृंगेरी मठ की स्थापना की। मात्र 23 वर्ष की आयु में भगत सिंह देश के लिये फांसी पर चढ़ गए। स्वामी विवेकानंद, छत्रपति शिवाजी जैसे अनेक युवा (जैन जी) से भारत का इतिहास भरा हुआ है । वर्तमान की बात करें तो आज भारत का परचम पूरे विश्व में फहराने वाली जैन जी ही है चाहे वह नीरज चोपड़ा के रूप में भला फेंकते हो या भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 को विकसित करने वाली स्काईरूट एयरोस्पेस की वैज्ञानिक और इंजीनियर की टीम हो जिनकी औसत उम्र मात्र 28 वर्ष है। कॉमनवेल्थ गेम्स में में 39 गोल्ड मेडल जीत कर लाना भारत के युवाओं की ही ताकत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही ओजस्विनी विचार मंच की पालक प्रो. राजरानी शर्मा ने कहा कि आज का जैन जी आदर्श और संतुलन बनाकर चलने वाला है। भारत के ज्ञान का शंखनाद वैश्विक पटल पर करने वाली युवा शक्ति ही है। मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में एमएलबी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर हरीश अग्रवाल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉ. कुसुम भदोरिया एवंओजस्विनी विचार मंच की उपाध्यक्ष डॉ रितु नामधारी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम का संचालन सुश्री कुमकुम सिंह ने किया, अतिथि परिचय सुश्री रुचि श्रीवास्तव ने एवं सुश्री आस्था शर्मा ने ओजपूर्ण गीत हम युवा हैं हम करेंगे मुश्किलों से सामना..की प्रस्तुति दी। प्रस्तावना डॉ अनीता सेठी एवं आभार मंच की अध्यक्ष डॉ. कल्पना शर्मा ने दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे जिन्होंने प्रश्न उत्तर के माध्यम से वक्ताओं द्वारा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ. मंदाकिनी शर्मा, श्रीमती कल्पना प्रदीप, रचना सोलंकी, गायत्री शर्मा, सोना गुप्ता, बेबी शर्मा, सपना दुबौलिया, अपर्णा शर्मा, शारदा बलोदी और अनीता करकरे आदि ओजस्विनी बहनों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। अंत में छात्र-छात्राओं को स्वल्पाहार वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।