21 करोड़ की साइबर ठगी में भाजपा नेता पकड़ा,50 लाख खाते में मिले
Aug 06 2026
ग्वालियर। ग्वालियर के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामले में राज्य साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 21 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी के मामले में शाजापुर निवासी और भाजपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपए आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। फिलहाल पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
राज्य साइबर पुलिस के अनुसार पीडि़त 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय हैं। उन्हें दिसंबर 2025 में एक महिला ने फोन कर दोस्ती की और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। करीब 218 दिनों तक भरोसे में लेने के बाद उनसे अलग-अलग बैंक खातों में 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए जमा करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालनी चाही तो उनसे और रुपए मांगे गए। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ठगी की रकम का 50 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन शाजापुर निवासी जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में हुआ था। इसके बाद रकम कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस आरोपी को पकडक़र ग्वालियर लाई और कोर्ट से रिमांड लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में म्यूल अकाउंट्स के जरिए काम करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी मिली है। इसी आधार पर साइबर पुलिस की टीमें कर्नाटक और तमिलनाडु रवाना की गई हैं।
76 बैंक खातों में पैसे हुए थे ट्रांसफर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पीडि़त ने कुल 76 बैंक खातों में 106 बार ट्रांजेक्शन किए थे। इसके बाद रकम 15 अलग-अलग लेयर से गुजरते हुए 20 हजार से अधिक बैंक खातों तक पहुंची। शुरुआती जांच में करीब 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली है।
राज्य साइबर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और म्यूल अकाउंट्स की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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