तेज बारिश से व्हाइट टॉपिंग सडक़ धंसी, दो वाहन धंसे

Aug 05 2026

ग्वालियर। शहर में सडक़ों के धंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बुधवार दोपहर झांसी रोड थाना क्षेत्र का है, जहां  व्हाइट टॉपिंग सडक़ अचानक धंस गई। सडक़ धंसते ही वहां से गुजर रहे दो वाहन गड्ढे में फंस गए। स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर की मदद से दोनों वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार घटना बुधवार दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे के बीच हुई। सडक़ धंसने के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित हुआ। सडक़ धंसने के समय वहां से गुजर रहे दो वाहन सीधे गड्ढे में फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल ट्रैक्टर बुलाकर दोनों वाहनों को बाहर निकलवाया। लोगों का कहना है कि यदि उस समय भारी वाहन गुजर रहे होते या ट्रैफिक अधिक होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। 
एक घंटे तक नहीं पहुंचा प्रशासन
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सडक़ धंसने के करीब एक घंटे बाद तक न नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, न प्रशासनिक अधिकारी और न ही ट्रैफिक पुलिस। धंसी सडक़ के आसपास बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहा। इस दौरान कुछ लोग सडक़ पर गिरकर घायल भी हुए। बताया जा रहा है कि यह सडक़ सीमेंट कंक्रीट (व्हाइट टॉपिंग) तकनीक से बनाई जा रही थी। पिछले साल से इसका निर्माण कार्य चल रहा था और सडक़ लगभग तैयार हो चुकी थी। बारिश के कारण अंतिम चरण का काम बाकी था, लेकिन उससे पहले ही सडक़ का हिस्सा धंस गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली सडक़ यदि पहली ही बारिश में धंस जाए तो निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि शहर में पहले भी कई जगह सडक़ें धंस चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्यों में सुधार नहीं हो रहा। 
तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद लोगों ने सडक़ धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से शहर की निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।