मातृभूमि की सेवा से बढक़र कोई पुण्य नहीं :कर्नल सुमित दुआ

Jul 26 2026

ग्वालियर। सौभाग्यशाली हैं वे लोग जिन्हें मातृभूमि की सेवा का गौरव प्राप्त होता है मातृभूमि की सेवा से बढक़र कोई पुण्य नहीं, और महान है वे देशभक्त, जो राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान कर देते हैं हम सुख, सुरक्षा और शांति का जीवन व्यतीत कर पा रहे हैं क्योंकि हमारे बहादुर जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे, हम अपने बहादुर सैनिकों के ऋणी है कारगिल युद्ध में हमारे वीर जवानों ने अपनी जान पर खेलकर सीमाओं की रक्षा की और मातृभूमि के गौरव व मान को बढ़ाया उक्त उद्गार कारगिल शहीद सरमन सिंह खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था बीएसएफ टेकनपुर एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कारगिल विजय दिवस के कार्यक्रम में कर्नल सुमित दुआ ने व्यक्त किये। संत समर्थ तीर्थ महाराज ने कहा कि संत और शहीद एक ही श्रेणी में आते हैं क्योंकि संत और शहीद त्याग बलिदान का एक अनुपम उदाहरण है। कार्यक्रम में पुष्प चक्र अर्पित करने वालों में बीएसएफ कमांडेंट वरुणेंद्र प्रताप सिंह, संत समर्थतीर्थ महाराज, वीरनारी शशि कुशवाह, विपणन प्रबंधक राजीव सक्सेना, आर्म्स कमांडर दीपक सिंह भदोरिया इंडियन नेवी, राजीव गुप्ता,सीएसपी किरण अहिरवार, थाना प्रभारी विनोद विनायक करकरे एवं शस्त्र सलामी कर्नल सुमित दुआ ने कारगिल शहीदों को सैल्यूट कर दी।
 वही शाम को तिरंगा यात्रा महाराज बाड़ा से सराफा बाजार, पारखजी का बाड़ा, दौलतगंज, होती हुई महाराज वाडा पर पहुंची तत्पश्चात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के माध्यम से कारगिल युद्ध के 527 शहीदों को काव्यांजलि के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसी दौरान वीर नारियों का सम्मान किया गया। देर शाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियत्री ज्योति दिनकर ने सरस्वती वंदना के साथ काव्य पाठ का शुभारंभ किया एवं बाहर से पधारे हुए कवियों ने अपनी ओजस्वी वाणी से वीर रस में वीरों की गाथा बखान कर उपस्थित जनसमुदाय को देश भक्ति के रंग डुबो दिया।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक विहवल सेंगर ने किया एवं अंशुमान सिंह के द्वारा वंदेमातरम एकल गीतगायन से कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर बजरंग सिंह राठौड़, राजेंद्र सिंह परमार, बबलू जोशी, भीम कुशवाह, लक्ष्मण सेंगर, राघवेंद्र बिसेन मनोज माहौर, नितेश शिवहरे, जयेंद्र सिंह राणा, मुकुंद लघाते, नायब सूबेदार प्रियो, नायक एस बबन सिंघा, के लालमुणपुय, हिमांशु बराह आदि के साथ ही ग्वालियर नगर एवं बड़ी संख्या में नागरिक गण उपस्थित होकर कारगिल शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर कारगिल विजय उत्सव में सम्मिलित हुए।