समरस समाज के लिए संत कबीर के विचार अपनाएं

Jun 30 2026

ग्वालियर। संत कबीर की 629वीं जयंती पर शहर में कई संस्थाओं द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में बाबू जगजीवन राम फाउंडेशन के सौजन्य से नंदलाल बाल कल्याण समिति द्वारा आयोजित परिचर्चा एवं सम्मान समारोह में पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने कहा कि संत कबीर के विचार आज भी सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं। समाज में बढ़ती दूरियों, भेदभाव और सामाजिक विभाजन को समाप्त करने के लिए उनके विचारों को व्यवहार में उतारना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीएस कुशवाह ने की। उन्होंने कहा, सामाजिक समरसता का संकट अब परिवारों तक पहुंच चुका है। यदि परिवारों में संवाद, संस्कार और आपसी विश्वास मजबूत होंगे तो समाज स्वत: सशक्त बनेगा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक सुशील बरुआ ने कहा, संत कबीर ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाकर समानता का मार्ग प्रशस्त किया। सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार राजपूत विशिष्ट अतिथि रहे। संस्था के अध्यक्ष रूप सिंह राजपूत, सचिव आनंद यादव एवं सह सचिव संजय सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्तियार सिंह यादव ने स्वागत भाषण दिया।