शौर्य, वीरता का पर्याय थे सरमन सिंह:मेजर रितविक सिंह

Jun 28 2026

ग्वालियर। कारगिल का भू-भाग मैदानी क्षेत्र न होकर ऐसा क्षेत्र था जहां युद्ध लड़ा जाना बेहद मुश्किल था परंतु परिस्थिति बस हमारी सेना को यह युद्ध लडऩा पड़ा कारगिल क्षेत्र की उबड़ खाबड़ ऊंची ऊंची चोटियाँ, उन चोटियों के आसपास का गहरी गहरी खाईयां, जहां ऑक्सीजन बहुत कम रहता है उन चोटियों पर छिपकर घुसपैठ कर ,दुश्मनों ने बंकर बना लिए थे और देश की अमन शांति में बाधक बने हुए थे हमारे सैनिकों की शौर्य पराक्रम वीरता के आगे घुसपैठिये टिक नहीं पाए बल्कि सारे विश्व ने हमारे सैनिकों की वीरता का लोहा माना गया इसलिए हम कह सकते हैं शौर्य, वीरता का पर्याय थे सरमन।
अवसर था नगर निगम एवं कारगिल शहीद सरमन सिंह खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अमर शहीद हवलदार सरमन सिंह (सेना मेडल) बलिदान दिवस पर आयोजित सेना द्वारा सलामी श्रद्धांजलि समारोह का, कारगिल शहीद सरमन सिंह को श्रद्धा सुमन चड़ाते हुए उन्होंने आगे कहा कि सेकंड राजपूताना राइफल्स एवं हमारी पलटन 13 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स ने कारगिल युद्ध में बड़ चढक़र हिस्सा लिया जिसको भारत सरकार ने टैग दिया ब्रेवेस्ट ऑफ द ब्रेव कारगिल।
इस अवसर पर स्वामी ऋषभदेवानंद ने कहा कि वीर सरमन सिंह अपना बलिदान देकर इतिहास में अमित हो गए, उनका शौर्य, पराक्रम, युवा पीढ़ी को सदैव राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाएगा। मंच का संचालन विहवल सेंगर ने किया। इस अवसर पर पुष्प चक्र अर्पित करने वालों में मेजर रितविक सिंह सेना मुरार, सूबेदार मेजर चतर सिंह, सूबेदार मेजर तोहवी सुमी, स्वामी ऋषभदेवानंद, महेंद्र अग्रवाल, डॉ सुनील अग्रवाल, लेफ्टिनेंट सारिका माहेश्वरी एनसीसी, थाना प्रभारी आलोक परिहार आदि ने सैल्यूट कर शहीद सरमन सिंह के बलिदान को नमन किया।
इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों ने शहीद एमपी शर्मा की वीर नारी नीलम शर्मा, शहीद सरमन सिंह की वीरनारी सरोज कुमारी, शहीद मनोज राठौर की वीर नारी पिंकी राठौर को सम्मानित किया गया।