स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़, अब नहीं सहेंगे उपेक्षा:एएनएम
Jun 23 2026
ग्वालियर। प्रदेशभर की एएनएम कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन (संविदा-नियमित कर्मचारी संघ) की प्रदेश अध्यक्ष विमलेश शर्मा के नेतृत्व में एएनएम कार्यकर्ताओं ने निर्धारित ड्रेस में न्यू हाईकोर्ट से कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम नरेश गुप्ता को सौंपा। तेज धूप के बीच बड़ी संख्या में शामिल एएनएम कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करती हुई कलेक्ट्रेट पहुंचीं। रैली के दौरान कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और जाम जैसी स्थिति भी देखने को मिली।
ज्ञापन में एएनएम संवर्ग ने कहा कि वर्ष 1950 से कार्यरत एएनएम स्वास्थ्य विभाग का सबसे पुराना कैडर है, जिसे विभाग की रीढ़ माना जाता है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव पूर्व जांच, शिशु टीकाकरण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बावजूद वर्ष 2016 में एएनएम संवर्ग को नर्सिंग कैडर से अलग कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है।
विमलेश शर्मा ने कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान जब लोगों को दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही थी, तब एएनएम कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर टीकाकरण अभियान को सफल बनाया। करोड़ों लोगों तक वैक्सीन पहुंचाने में एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन सम्मान और प्रोत्साहन राशि के मामले में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्ष 2016 में जारी उस आदेश को निरस्त किया जाए, जिसके तहत एएनएम संवर्ग को नर्सिंग कैडर से अलग किया गया था। संगठन का कहना है कि एएनएम गर्भावस्था से लेकर शिशु जन्म, टीकाकरण और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन करती हैं तथा महाकौशल नर्सिंग काउंसिल से पंजीकृत भी हैं, इसलिए उन्हें पुन: नर्सिंग संवर्ग में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा वर्षों से कार्यरत संविदा एएनएम को नियमित करने, नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने तथा वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड-पे 3200 रुपए किए जाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने मध्यप्रदेश सेवा पदोन्नति नियम 2005 के तहत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पदोन्नति सूची में शामिल कर विभागीय पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी रखी।
विमलेश शर्मा ने कहा कि एएनएम संवर्ग लंबे समय से पदोन्नति और वेतन संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान की योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी निभाने वाली एएनएम के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। संगठन ने अनमोल पोर्टल में तकनीकी खामियों और बार-बार आने वाली त्रुटियों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि पोर्टल में एडिट विकल्प नहीं होने से एएनएम को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं गर्भवती महिलाओं की बायोमेट्रिक प्रक्रिया, नेटवर्क समस्या और कार्यभार बढ़ने के कारण संबंधित व्यवस्था में संशोधन की मांग की गई है। इसके साथ ही दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में कार्यरत एएनएम को सार्थक ऐप आधारित ई-अटेंडेंस से मुक्त रखने, जोखिम भत्ता देने तथा पूर्व की भांति वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। संगठन का कहना है कि कई एएनएम छह से सात गांवों में सेवाएं देती हैं, जहां नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना मुश्किल होता है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि टीकाकरण, एएनसी पंजीयन, एचवीएनसी सहित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों का वास्तविक कार्य एएनएम द्वारा किया जाता है, लेकिन पीबीआई प्रोत्साहन राशि अन्य कैडरों को दी जा रही है। संगठन ने मांग की है कि यह राशि एएनएम संवर्ग को भी प्रदान की जाए। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत मिलने वाली अनटाइड फंड की राशि पूर्व की भांति एएनएम को उपलब्ध कराने की मांग की गई है। प्रदेश अध्यक्ष विमलेश शर्मा ने कहा कि यदि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









