सुंदरता का सम्बन्ध शारीरिक न होते हुए आंतरिक होता हैं: ज्योति सिंघल

Jun 20 2026

ग्वालियर। वीर सावरकर शाखा और गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वाधान में 10 दिवसीय शिविर के आठवें दिवस पर शिविर में उपस्थित बच्चों को सुन्दर बनाम $फैशन.बिषय पर श्रीमती ज्योति सिंघल द्वारा बहुत ही सरल तरीके से समझाया कि सुंदरता का सम्बन्ध शारीरिक न होते हुए आंतरिक होता हैं। सकारात्मक सोच, आत्म विश्वास और दुसरो के प्रति सम्मान ही हमें सुन्दर बनाते है। बाहरी सुंदरता समय के साथ ढल जाती हैं परन्तु आंतरिक सदैव बनी रहती हैं। $फैशन कभी स्थाई नहीं होता तथा $फैशन हमारी संस्कृति और हमारी पसंद को हमारे जुड़ाव को दर्शाता है। अगर आपके विचार सुन्दर हैं तो साधारण कपड़ो में भी आपका व्यक्तित्व चमकेगा।
 शाखा के बरिष्ठ सदस्य डॉ बीएम कुलश्रेष्ठ ने बच्चो से अपील कि बच्चे अंधाधुंध $फैशन $की दौड़ में शामिल होने बजाय ऐसे कपड़े पहने जिसमे आप सहज़ महसूस करें। उन्होंने कहा अपनी आंतरिक सुंदरता, मूल्यों और अपनी सादगी को कभी न खोने दें। शाखा अध्य्क्ष मेजर डीबी राय ने बच्चों को जीवन मै हमेशा आगे बढऩे ब सफलता के लिए दो सूत्र बताए उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी काम करने के लिए कदम बढ़ाये उसमें अपना सौ प्रतिशत झोंक दें जिससे हमें आत्म संतोष के साथ साथ आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी। दूसरा सूत्र जब कोई काम करें चाहे घर हो, स्कूल हो, कोई भी हो हमेशा उस जगह आगे आकर उस कार्य में अपनी जिम्मेदारी लेने के लिए आगे आये जिससे निश्चित तौर पर आपकी अहमियत, आपकी छवि उभरकर सामने आएगी।  आज के सत्र में मेजर डी बी राय, केके शर्मा, डॉ बीएम कुलश्रेष्ठ, श्रीमती सरिता गुप्ता, ज्योति सिंघल, ममता कुशवाह, पूनम गुप्ता, पल्ल्वी गुप्ता, हेमलता अग्रवाल और बड़ी संख्या में गायत्री परिवार की मातृशक्ति और बच्चे उपस्थित रहें।