आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु अनुबंध की उच्च स्तरीय जांच हो

Jun 16 2026

ग्वालियर। जिला चिकित्सालय मुरार के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक कार्यालय द्वारा निविदा (टेंडर) नियमों एवं भंडार क्रय नियमों को ताक पर रखकर निजी सुरक्षा एजेंसियों को अनुचित लाभ पहुँचाने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है।
ग्वालियर-जिला चिकित्सालय मुरार में लगभग 192 आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी विभिन्न इकाइयों में सेवाएं दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 'राज सिक्योरिटीÓ के माध्यम से ये सेवाएं ली जा रही थीं। संबंधित एजेंसी द्वारा काम बंद करने के पश्चात अस्पताल प्रशासन द्वारा आकस्मिक व्यवस्था की जानी थी। नियमों का खुला उल्लंघन: मध्य प्रदेश भंडार क्रय तथा सेवा. उपार्जन नियमों एवं सीवीसी गाइडलाइंस के अनुसार, किसी एजेंसी के हटने पर केवल सीमित समय (अधिकतम 2-3 माह) की आपातकालीन व्यवस्था के बाद खुली पारदर्शी निविदा या एम पी टेंडर के माध्यम से नया वेंडर चुनना अनिवार्य था।
सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा अपने चाहते आउट सोर्स कर्मचारियों को. उच्च कुशल श्रमिक दर से भुगतान कराया जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध है दूसरी ओर 10 वर्ष से निरंतर सेवाए दे रहे हैं उनके वेतन में वृद्धि करने की जगह कम किया जा रहा जो कि श्रम विभाग के नियमों का उल्लंघन है सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ राजेश कुमार शर्मा द्वारा बिना किसी पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के, नियमों को दरकिनार करते हुए सीधे शर्मा सिक्योरिटी एवं सनसाइन सिक्योरिटी नामक निजी कंपनियों के साथ अनुबंध कर लिया गया है, जो सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। बिना नियमों के किए गए इस अवैध अनुबंध के कारण वर्तमान में कार्यरत लगभग 192 आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान तथा ईपीएफ एवं ईएसआईसी जैसे वैधानिक अधिकारों पर संकट खड़ा हो गया है। संबंधित दोनों एजेंसियों द्वारा पूर्व से कार्यरत कर्मचारियों को नियम विरुद्ध हटाया जा रहा हे साथ ही इन एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों से नौकरी बचाने के नाम पर अवैध बसूली की जा रही है, जबकि वैकल्पिक व्यवस्था में सिर्फ कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था हेतु टेंडर दिया जाता है।
अत: इस पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष उच्च स्तरीय समिति या सतर्कता विंग से तत्काल जांच कराई जाए। नियमों को ताक पर रखकर चहेती कंपनियों को अवैध अनुबंध देने वाले दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उक्त अवैध अनुबंध को तत्काल निरस्त कर पारदर्शी तरीके से नई निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए एव मई 2026 का वेतन भुगतान एव श्रम विभाग 1 अप्रेल 2024 से वेतन पुनर्छित वृद्धि की गई थी उक्त अवधि का 11 माह का एरियर भुगतान किया जाए।