तिघरा डैम में डूबे मेडिकल कॉलेज के 2 छात्र, दोनों के शव मिले

Jun 14 2026

ग्वालियर।  गजराराजा मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस सेकंड ईयर के दो छात्र गत शाम तिघरा डैम में डूब गए। संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने के कारण दोनों दोस्त करीब 40-50 फीट गहरे पानी में समा गए थे। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बरामद कर लिए हैं। मेडिकल कॉलेज के 8 छात्र-छात्राओं (4 छात्र और 4 छात्राएं) का ग्रुप गत शाम को तिघरा डैम पहुंचा था। ये सभी बोट क्लब से करीब 3 किलोमीटर दूर 'कच्ची पारÓ इलाके में चले गए थे, जहां आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक है। 
शाम करीब 7 बजे आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल पानी में उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पथरीले किनारे पर अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वे सीधे गहराई में चले गए। बाकी साथी जब पिकनिक स्पॉट से नीचे आए और काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे तो तलाश शुरू हुई। डैम के किनारे दोनों छात्रों के कपड़े और जूते सलीके से रखे मिले, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। दोस्तों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सीएसपी कृष्णपाल सिंह और पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने मोर्चा संभाला। रेस्क्यू टीम ने गत देर रात ही गोपाल अग्रवाल का शव पानी से निकाल लिया था। दूसरे छात्र आयुष श्रीवास्तव का शव रविवार दोपहर करीब 2 बजे मिला। उनका शव 50 फीट गहराई में पत्थरों और झाड़ियों के बीच फंसा हुआ था।
मृतक छात्रों में से एक गोपाल अग्रवाल (बीना, सागर) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके जीजा प्रदीप अग्रवाल ने बताया- गोपाल अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा और सबका लाड़ला था। वह पढ़ाई में होशियार था। साल 2024 में पहली ही कोशिश में नीट परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने ग्वालियर आया था। पिता कोई खास काम नहीं करते थे, इसलिए बड़े भाई पीयूष ही उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे। गोपाल अकसर कहता था कि डॉक्टर बनकर वह भाई का सहारा बनेगा, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया। दूसरे मृतक छात्र आयुष श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले थे। दोनों ही छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे शव लेने ग्वालियर पहुंच चुके हैं। 
इस हादसे के बाद गजराराजा मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर है। कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने दुख व्यक्त करते हुए कहा- यह बेहद दर्दनाक और दुखद घटना है। हमारे होनहार छात्र पिकनिक पर गए थे और वहां यह हादसा हो गया। यह ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। इस समय संस्थान और छात्रों के परिवारों पर क्या गुजर रही है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।