एआईडीएसओ ने मुख्यमंत्री के नाम सोंपा ज्ञापन

Jun 12 2026

ग्वालियर। छात्र संगठन एआईडीएसओ ग्वालियर जिला इकाई द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया। एआईडीएसओ के राज्य सचिव नारायण सिंह चंदेल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाएं आज छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। अभी हाल ही में विगत 7 जून को वनरक्षक, जेल प्रहरी, क्षेत्र रक्षक, सहायक जेल अधीक्षक की परीक्षाओं का होना तय था। 2062 पदों के लिए 52 केंद्रों में ये परीक्षा होनी थी। छात्र अपनी जेब से किराया लगाकर सैंकड़ों किलोमीटर का रात में सफर करके परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि सर्वर खराब होने के कारण परीक्षा को कुछ समय पूर्व ही रद्द किया जा रहा है। यह उन छात्रों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताडि़त करना है जो नौकरी पाने के लिए रात दिन मेहनत करने में लगे हुए हैं। यह घटना मंडल की जरूरी तैयारियों पर कई सवाल खड़े करती है। 
परीक्षा कराने की जिम्मेदारी उस कंपनी(एप्टेक) को दी गई जिसे उत्तरप्रदेश और जम्मू कश्मीर में पहले से ही ब्लैकलिस्ट किया गया है। सवाल ये है कि मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने ब्लैक लिस्टेड कंपनी को ये जिम्मेदारी किस आधार पर दी। इस तरह की घटनाएं सिर्फ एक बार नहीं बल्कि कई बार सामने आ रही हैं। पेपर लीक हो, परीक्षा के रद्द होने की घटना हो या फिर प्रश्न पत्रों की खरीद फरोख्त हो इन सब के चलते आज आम गरीब छात्रों के लिए नौकरी पाना तो दूर परीक्षा देना भी मुश्किल होता जा रहा। जो परीक्षाएं हो चुकी उनके परिणाम समय पर घोषित नहीं हो रहे हैं। परिणाम आने के बाद भी समय पर ज्वाइनिंग नहीं मिल रही है। ऐसे में जिम्मेदारों पर कार्यवाही करने की बजाय सत्ता पक्ष उन्हें संरक्षण देने का काम कर रहा है। ज्ञापन देने वालों में पूजा श्रीवासष, समरीन, अंजू, मनीष व जिला सचिव दीपक बरैया मौजूद रहे। 
हम सरकार से मांग करते हैं कि परीक्षा रद्द होने से प्रभावित सभी छात्रों को उनके आने जाने का किराया सहित तमाम खर्च का भुगतान किया जाए। निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जाए। तमाम तरह की परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी सरकार अपने हाथ में ले। निजी संस्थाओं को खत्म किया जाए। परीक्षा केंद्र गृह जि़ला में सुनिश्चित किया जाए।