मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति की सोच को विकृत कर देता है- धर्मेन्द्र शर्मा

Jun 09 2026

ग्वालियर। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग, मध्यप्रदेश के सहयोग से वाल्मी संस्था द्वारा संचालित नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय मास्टर वालंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजित किया गया। थाटीपुर स्थित सीएमएचओ कार्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा प्रशिक्षित वालंटियर्स के माध्यम से लोगों तक प्रभावी संदेश पहुंचाना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रशिक्षक अतुल रायजादा ने कहा कि अधिकांश युवा गलत संगत के कारण नशे की गिरफ्त में आते हैं और अक्सर नशे की शुरुआत किसी मित्र के माध्यम से होती है। इसलिए किशोर एवं युवावस्था में विशेष सतर्कता और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को प्रभावित करता है। ऐसे परिवारों को बचाने के लिए समाज में निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, जिसमें मास्टर वालंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में सिविल अस्पताल हजीरा के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अतर सिंह ने नशे के विभिन्न प्रकारों तथा उनके शरीर एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग, ग्वालियर के उप संचालक शशांक विरही ने कहा कि युवाओं को समय-समय पर उचित परामर्श एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकें।
पुलिस अधिकारी कीर्ति अजमेरिया ने कहा कि यदि आसपास कहीं नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार संचालित हो रहा हो, तो उसकी सूचना 1933 टोल फ्री हेल्पलाइन अथवा मानस पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। एनडीपीएस कोर्ट के लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति की सोच को विकृत कर देता है, जिससे वह स्वयं, परिवार और समाज के लिए नुकसानदायक बन जाता है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध व्यापार एवं तस्करी के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान और दंड निर्धारित किए गए हैं।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी हरिओम गौतम ने कहा कि नशामुक्त भारत का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, परिवार, शिक्षण संस्थानों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मास्टर वालंटियर्स अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराएं तथा उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोडऩे का प्रयास करें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रमाणपत्र किए वितरित
कार्यक्रम में भोपाल से आए प्रशिक्षक डॉ. विजय कुमार गुप्ता, कार्यशाला की नोडल अधिकारी एवं सामाजिक सुरक्षा अधिकारी पूर्वी अग्रवाल मंचासीन रहीं। इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा अधिकारी रुक्मिणी अग्रवाल, कु. पूनम शाक्य, गिर्राज कुशवाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी हरिओम गौतम ने किया तथा आभार प्रदर्शन पूर्वी अग्रवाल ने व्यक्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर सभी मास्टर वालंटियर्स को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए