जेयू ओर ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी में एमओयू से विद्यार्थियों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर

Jun 08 2026

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय की बायोटेक्नोलॉजी अध्ययनशाला ने विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों के नए द्वार खोलते हुए अमेरिका की ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी (बीवाईयू) के साथ उत्पाद-उन्मुख अनुसंधान और छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इस सहयोग से छात्रों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
जीव विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष एवं बायोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. समीर एस. भाग्यवंत ने बताया कि समझौते के तहत विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में कार्य करने, संयुक्त शोध परियोजनाओं में भाग लेने और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय से जुडऩे का अवसर मिलेगा। इससे उनकी अकादमिक गुणवत्ता के साथ रोजगार क्षमता भी बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि विभाग का प्लेसमेंट रिकॉर्ड लगातार बेहतर रहा है। यहां से पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को कैडिला फार्मा, रिलायंस बायोटेक, कियाजेन बायोटेक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और केमवेल बायोफार्मा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिला है। वहीं कई पूर्व छात्र डीबीटी, सीडीआरआई, डीआईपीएएस और डीआरडीई जैसे राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों में वैज्ञानिक पदों पर कार्यरत हैं। विभाग के पूर्व छात्र अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। वे एनआईएच (अमेरिका), यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग (यूके) और एकेडेमिया सिनिका (ताइवान) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी आईआईएससी बेंगलुरु, बीएआरसी मुंबई, आईसीजीईबी नई दिल्ली, सीसीएमबी हैदराबाद, एनसीएल पुणे और आईआईटी खडग़पुर में पीएचडी एवं उच्च स्तरीय शोध कार्य कर रहे हैं।
प्रो. भाग्यवंत ने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी वर्तमान समय के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है। फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, जैव सूचना विज्ञान और औद्योगिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। रिसर्च साइंटिस्ट, क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएट, बायोइन्फॉर्मेटिक्स एनालिस्ट, क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर और कृषि जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ जैसे करियर विकल्प युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा और अनुसंधान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए डीआरडीओ, आईसीएमआर, सीएसआईआर और बीएआरसी जैसे संस्थानों में भी उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध हैं।