हड़ताल:संविदाकर्मियों ने भैंस के आगे बीन बजाई

Jun 08 2026

ग्वालियर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 7 दिन से हड़ताल पर बैठे संविदाकर्मियों की एकजुटता खंड-खंड होती नजर आ रही है। पंडाल में गिने-चुने संविदाकर्मी ही पहुंच रहे हैं जबकि बहुत से कर्मचारी हड़ताल होने का अनुचित लाभ उठाते हुए ठंडे प्रदेशों में घूमने निकल गए हैं। घूमने निकले कर्मियों की सोच है कि जो होना है वह सबका एक समान होगा, इसलिए हमारा व्यक्तिगत स्तर पर कुछ नुकसान नहीं होने वाला।
दूसरी तरफ भीषण गर्मी में पंडाल में बैठकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने सोमवार को भैंस के आगे बीन बजाकर शासन-प्रशासन की तंद्रा भंग करने का सांकेतिक प्रदर्शन किया। संविदाकर्मियों की एकजुटता न दिखाई देने का संदेश सरकार तक भी पहुंच रहा है। सरकार तक जो रिपोर्ट पहुंचाई जा रही है उसमें बताया गया है कि संविदा कर्मचारी एकजुट नहीं हैं और इनकी हड़ताल का कोई असर स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ रहा है। सभी सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। इस तरह की रिपोर्ट मिलने से सरकार, प्रशासनिक अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर निश्चिंत हो गए हैं।
इंटेलीजेंस भले ही सरकार के मन मुताबिक रिपोर्ट भेज रही हो, लेकिन हकीकत इसके ठीक विपरीत है। अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित हुई हैं और मरीजों की लंबीलंबी लाइनें लगी हुई हैं। चिकित्सकों पर मरीजों को देखने व इलाज करने का भार बढ़ गया है। संजीवनी क्लीनिक अधिकांश स्थानों पर खुल नहीं पा रहीं हैं। संजीवनी क्लीनिक में जाने वाले मरीज भी अब अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, इससे नियमित कर्मियों पर अतिरिक्त दबाव काम का बढ़ा है।
वहीं संघ के जिलाध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला ने कहा कि हो सकता है कुछ संविदा कर्मचारी कहीं चले गए हों, लेकिन हम एक जुट हैं। पंडाल में तो कर्मियों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए ज्यादा भीड़ नजर नहीं आती। एक सैकड़ा से अधिक कर्मचारी हमेशा पंडाल व इसके आस-पास रहते हैं। इंटेलीजेंसी क्या रिपोर्ट दे रही है इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।