1857 के बलिदानी संतों की स्मृति में संगीत समारोह व भागवत कथा होगी

Jun 08 2026

ग्वालियर। सिद्धपीठ गंगादास की बड़ी शाला में 1857 के स्वाधीनता संग्राम में बलिदान देने वाले संतों की स्मृति तथा ग्वालियर घराने के प्रख्यात गायनाचार्य सीताराम शरण दास की पुण्यतिथि पर संगीत संस्था रागायन दो दिवसीय संगीत समारोह, श्रीमद् भागवत कथा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करेगी। संगीत समारोह के बाद 11 से 17 जून तक भागवत कथा होगी।
स्वामी रामसेवकदास ने बताया, 1857 की क्रांति में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के वीरगति प्राप्त करने के उपरांत तत्कालीन महंत गंगादास ने उनकी पार्थिव देह की रक्षा कर अंतिम संस्कार किया था। उस संघर्ष में अंग्रेजों से युद्ध करते हुए 745 साधुओं ने प्राणों की आहुति दी थी। 10 जून को बड़ी शाला में शाम 6 बजे से संगीत समारोह होगा। इसमें संजय देवले, सुजल जैन, हेमांग कोल्हटकर गुरु वंदना प्रस्तुत करेंगे। पद्मजा विश्वरूप विचित्र वीणा वादन और खयाल गायक जयतीर्थ मेवुण्डी गायन प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर ग्वालियर घराने के वरिष्ठ खयाल गायक महेशदत्त पाण्डेय को 2026 का गायनाचार्य सीताराम शरणम सम्मान प्रदान किया जाएगा। संगीत समारोह के बाद 11 से 17 जून तक भागवत कथा होगी। यह कथा भागवताचार्य महंत मदनमोहन दास, अखिल भारतीय निर्मोही अखाड़ा करेंगे।
18 को वीरांगना के साथ बलिदानी संतों को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंतिम दिन 18 जून को आयोजन में शामिल होने वाले संत वीरांगना लक्ष्मीबाई के साथ लड़ाई में शहीद होने वाले 745 संतों को शाला परिसर में ही अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शहर और संभाग के साथ-साथ दूर दराज से बड़ी संख्या में संत हर वर्ष ग्वालियर आते हैं। कार्यक्रम के दूसरे चरण में 11 जून से भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ होगा। इसमें शहीद संतों की स्मृति में उनके मोक्षार्थ 17 जून तक अभा निर्मोही अखाड़े और वृंदावनधाम के महंत मदन मोहन दास महाराज भागवत कथा कहेंगे। कथा से पूर्व शोभायात्रा निकाली जाएगी।