संगीत और कलाओं से निखरता है व्यक्तित्व

May 26 2026

ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में छह दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला रुचि कार्यशाला की शुरुआत हुई। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को संगीत, नृत्य, चित्रकला, मूर्तिकला और वादन जैसी विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि यदि विद्यार्थी कम उम्र से ही संगीत और अन्य कलाओं को सीखना शुरू करें तो उनमें आगे चलकर इन कलाओं के प्रति गहरी अभिरुचि विकसित होती है। उन्होंने कहा कि संगीत और भारतीय कलाएं व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यशाला के पहले दिन विभिन्न कला विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अलग-अलग विधाओं का अभ्यास कराया। इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ कलाओं की बारीकियां सीखीं। कार्यक्रम में ओपी दीक्षित, डॉ. पारुल दीक्षित तथा डॉ. विकास विपट सहित अन्य उपस्थित रहे।