बेटे की चाहत में बेटी के जन्म पर भेदभाव क्यूँ

May 22 2026

ग्वालियर। समाज में आज भी बेटे और बेटी के बीच भेदभाव की मानसिकता पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। इसी सोच को बदलने और बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने के उद्देश्य से महादेव समर्पण सेवा संस्थान द्वारा हाल ही में कमलराजा अस्पताल में जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान संस्था के सदस्यों को एक ऐसा परिवार मिला, जहां चौथी बेटी का जन्म हुआ है। संस्था के अनुसार यह पहला मामला नहीं है, बल्कि कई परिवार आज भी बेटे की चाहत में लगातार संतान उत्पत्ति कर रहे हैं और परिवार नियोजन को अपनाने से बच रहे हैं। इस विषय को लेकर संस्था ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल सामाजिक नहीं बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है।
संस्था के सदस्यों ने परिवारजनों को समझाइश देते हुए परिवार नियोजन अपनाने और बेटियों को समान अवसर एवं शिक्षा देने की बात कही। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि क्या संबंधित विभागों तक आंगनवाड़ी पंजीयन का डाटा सही तरीके से पहुँच रहा है और क्या महिलाओं के स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान अस्पताल परिसर में जन्मी नवजात कन्याओं का फूलमाला पहनाकर, एक जोड़ी कपड़े एवं मिठाई भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही परिवारों को बेटियों के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में गगन शर्मा, मनोज राजपूत, नेहा कुशवाह, शिवानी चौहान एवं अमित द्विवेदी सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। संस्था ने समाज से अपील की कि बेटी और बेटे में भेदभाव न करें तथा बेटियों को सम्मान और समान अधिकार दें।