सरकार निराश्रितों को 600 रुपये पेंशन दे रही, विज्ञापन ऐसे प्रकाशित कर रही जेसे 6 हजार दे रही: जौहरी

May 22 2026

ग्वालियर। दिव्यांग, वृद्ध, विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन मात्र 600 रुपए दिए जाने के मामले में, मप्र सरकार को विज्ञापन जीवी सरकार की उपाधि देते हुए कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ समाजसेवी ओर आरटीआई ऐक्टिविस्ट अनूप जौहरी ने सरकार पर तंस कसते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दिव्यांग, वृद्ध, विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों को मात्र 600 रुपये मासिक समाजिक सुरक्षा पेंशन वह भी माह के अंत में दे रही हे ओर इतना ही नहीं एक बार में सभी निराश्रितों के खातों में न डालते हुए टुकड़ों में डाल रही है। जिस कारण से जिनकी पेंशन महीने के अंत में नहीं आती हे बह निराश्रित एसी भीषण गर्मी में पेंशन संबंधित विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर है।
मप्र सरकार आये दिन इन असहाय निराश्रितों को मात्र 600 रुपये सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिये जाने का समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ओर सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन दें रही हे ओर अपनी केविनेट की बैठकों में सामाजिक न्याय विभाग के लिए बजट दिये जाने का गुनगान कर रही हे जेसे निराश्रितों को 600 रुपये नहीं 6हजार रूपए दे रही हो ओर तो ओर दिव्यांग जनों को उनके कोटे के रिक्त पड़े लगभग तीस हजार के बैकलॉक पद कईं बरसों से रिक्त पड़े हैं। जिन्हें भरने के लिए विज्ञापन तो निकाले जाते हें। ओर उनके साक्षात्कार भी करायें जाते हें दिव्यांग जनों का आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक शोषण करने के कुछ समय बाद सारी बेकेंसियां ही नहीं उक्त विज्ञापन भी निरस्त कर दिये जाते हें अब ऐसी जुमले बाज सरकार को विज्ञापन जीवी सरकार नहीं कहां जायें तो क्या। अब तो ऐसा प्रतीत होता हे कि गरीबों की हितेषी अपने आप को कहने बाली मध्यप्रदेश सरकार इन निराश्रितों के प्रति कितनी गंभीर है। इस सरकार ने यह सिद्ध कर दिया हे आगे जौहरी ने कहा कि सरकार दिव्यांग जनों के प्रति कितनी असंवेदनहीनता के चलते एक अभिशाप बन कर कुंडली मारे बैठी हे।