खुद को ईश्वर के प्रति समर्पित कर दें तो भय खत्म हो जाएगा
May 14 2026
ग्वालियर। कोटेश्वर रोड स्थित अध्यात्म निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में संत योगी हुजूर मालिक साहब के जीवन परिचय एवं विविध प्रसंगों पर आधारित अमूल्य निधि दिव्य चरितामृत का विमोचन किया। संत कृपाल महाराज के सानिध्य में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और अति विशिष्ट अतिथि जस्टिस मिलिंद रमेश फडक़े थे। मुख्य अतिथि जस्टिस अहलूवालिया ने दिव्य चरतामृत को अमूल्य निधि बताते हुए कहा कि मनुष्य अपने आपको ईश्वर के प्रति समर्पित कर दे तो उसके सारे डर, भय खुद ही खत्म हो जाएंगे।
उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे एक बच्चा जब रोता है तो सब उसे चुप कराने का प्रयास करते हैं। यहां तक की मौसी की गोद में भी शांत नहीं होता है। लेकिन जब मां उसे अपनी गोद में लेती है तो वह एकदम शांत हो जाता है। आपको जो व्यवहार खुद पसंद नहीं है, उसे दूसरों के साथ नहीं करना चाहिए। इससे परस्पर सम्मान और सामंजस्य की स्थिति निर्मित होती है। संत कृपाल महाराज ने कहा कि मानव सेवा का भाव आपके मन में है तो उससे ईश्वर को पाया जा सकता है। कार्यक्रम में विक्रांत विवि के कुलाधिपति राकेश सिंह राठौड़, एलएनआईपीई की कुलगुरु प्रो, कल्पना शर्मा, संगीत विवि की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, एमिटी विवि के कुलगुरु डॉ. राजेश सिंह तोमर ने विचार रखे। हुजूर मालिक साहब की सेवा में रहे प्रो. रामगोपाल अग्रवाल ने पुस्तक विमोचन से पहले उनके बारे में जानकारी दी। संचालन अशोक आनंद ने किया।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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