डॉ वंदना भूपेन्द्र प्रेमी दस हजार से ज्यादा बेटियों को सम्मानित कर चुकी हैं

May 14 2026

ग्वालियर। सामाजिक संस्था ‘बेटी है तो कल है’ की संचालिका डॉ वंदना भूपेन्द्र प्रेमी ने बताया कि मेरे द्वारा बेटियों को उनके जन्म पर एवं उत्कृष्ट छात्रा सम्मान से अभी तक लगभग दस हजार से ज्यादा बेटियों को सम्मानित कर चुकी हूं।
मुझे मध्यप्रदेश प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रेरणा मिली जिसके चलते मैने 2014 में मासिक पत्रिका ‘बेटी है तो कल है’ का भारत सरकार की पंजीयन शाखा से पंजीयन कराया तत्पश्चात उसका प्रकाशन किया। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। तब से लेकर अब तक में निरंतर बेटी बचाओ अभियान के तहत मुबारक हो बेटी हुई है, जागरूकता अभियान चलाकर ग्वालियर एवं उसके आस पास के क्षेत्र में परिवारों को बेटियों के लिए जागरूकता अभियान चला रही हूं। मेरे द्वारा 4 मार्च 2016 को मध्यप्रदेश सरकार के फार्म पंजीयन विभाग से ‘बेटी है तो कल है सामाजिक संस्था’ का पंजीयन कार्य गया, जिसके तहत जिन परिवारों में कन्या शिशु का जन्म होता है हम अपनी संस्था सदस्यों के साथ जाकर कन्यूजन कर माताओं को सम्मानित करते हैं। एवं उस परिवार को बेटियों को अच्छी शिक्षा प्रदान कराने का संकल्प दिलाते है।
वही हमारे दूसरे उत्कृष्ट छात्रा अभियान के अंतर्गत विद्यालय में प्रथम द्वितीय तृतीय छात्राओं को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करते है जिससे उनके परिवार में खुशी का माहौल आता है। इसके पीछे हमारा उद्देश्य बेटियों को अच्छी शिक्षा प्रदान कराना है क्योंकि बेटी अगर शिक्षित होगी तो वह समय आने पर दोनों परिवारों का पालन पोषण कर सकती है। जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है मैने भी बीएड, एम.एड एवं पीएचडी की उपाधि ली है और प्रायवेट बीएड कॉलेज में वर्तमान में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हूं। इस लिए में जीवन में शिक्षा का महत्व जानती हूं।
में इस अभियान को लगभग 14 साल से निरंतर चला रही हु जिसमें मेरे साथ मेरे पति भूपेन्द्र शर्मा प्रेमी सदैव मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर रहते है। ओर साथ ही हमारी संस्था की प्रत्येक वार्ड में प्रेसिडेंट है जो हमें समय समय पर मदद करती है। इस अभियान के लिए मुझे वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सर्वोच्च राजमाता विजयराजे समाज सेवी सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। इसे मिलाकर मुझे जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं अन्य संस्थाओं एवं क्लबों द्वारा अभी तक 510 सम्मान प्राप्त हो चुके है। फिर भी मेरा यह सफर बेटियों ओर महिलाओं के लिए सदैव चरैवेति,चरैवेति चलता रहेगा।....