कैबिनेट मंत्री उइके की मध्यस्थता में उप मुख्यमंत्री ने मानीं एएनएम की मांगें, विरोध-प्रदर्शन टला

May 05 2026

ग्वालियर। कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके की मध्यस्थता के बाद मंगलवार को उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) के साथ बैठकर उनकी मांगें मान लीं। नर्सिंग कैडर में वापसी एवं संविदा कार्यकर्ताओं के संविलियन संबंधी इन मांगों को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया है। साथ ही संयुक्त एएनएम एसोसिएशन संघ की प्रदेश अध्यक्ष विमलेश शर्मा ने विरोध-प्रदर्शन स्थगित करने की घोषणा कर दी है। 
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल एवं कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके की मौजूदगी में बल्लभ भवन में हुई बैठक में एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विमलेश शर्मा ने बताया कि 2016 के पहले एएनएम नर्सिंग कैडर में थीं। जबकि नर्सिंग संबंधी एएनसी की जांच, जन्म से लेकर 16 वर्ष तक का टीकाकरण, एचपीव्ही वैक्सीनेशन, डिलेवरी, शिफ्टिंग ड्यूटी जैसे अनेक कार्यों को एएनएम सम्पादित कर रहीं है। साथ ही चेचक, डेंगू, चिकनगुनिया, पोलियो, कोविड 19 जैसी भयावह बीमारी से सुरक्षा प्रदान की गई। लिहाजा एएनएम को दुबारा नर्सिंग कैडर संवर्ग में वापस लेते हुए संविदा कार्यकर्ताओं का संविलियन किया जाए। साथ ही वेतन विसंगति में सुधार कर स्टाफ नर्स का ग्रेड पे-3200 दिया जाए। जिस पर उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री ज्योति चंद्रोल, कार्यकारी अध्यक्ष कौशल्या विश्वकर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीता झरिया सहित कई जिलों की अध्यक्ष मौजूद रहीं। 
यहां बतादें कि एएनएम का नर्सिंग डिप्लोमा शासन द्वारा महाकौशल से पंजीकृत है। जिसका पांच साल बाद नवीनीकरण होता है।