ओजस्विनी विचार मंच की द्वितीय स्मारिका ‘उदया’ का विमोचित

Apr 28 2026

ग्वालियर। ओजस्विनी विचार मंच ग्वालियर ने अपना सप्तम वार्षिक उत्सव एवं स्मारिका ‘उदया’ के द्वितीय संस्करण के विमोचन का कार्यक्रम विवेकानंद सभागार नई सडक़ में मनाया। इस अवसर पर विलुप्त होतीं हमारी समृद्ध भारतीय लोक कलाएं विषय पर लोकगीत गायन, पेंटिंग एवं कपड़े की गुडिय़ा बनाओ प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इसके द्वारा प्रतिभागियों को केवल मंच ही नहीं दिया गया बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अनूठा प्रयास किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे कुलगुरु, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती खुशबू गुप्ता प्रदेश मंत्री भाजपा महिला मोर्चा और सुश्री सृष्टि गोयल संघ लोक सेवा आयोग चयनित रैंक160 थीं। अध्यक्षता मंच की संरक्षक डॉक्टर राजरानी शर्मा ने की।
स्मारिका ‘उदया’ की मुख्य संपादक श्रीमती नंदिता चतुर्वेदी ने पुस्तक परिचय देते हुए बताया कि उदया के इस संस्करण में ओजस्विनी विचार मंच की सप्तवर्षीय शुभ यात्रा के प्रत्येक पड़ाव का विस्तृत वर्णन दिया।
 मुख्य अतिथि प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति और कला को शिक्षा से जोडऩे की महती आवश्यकता है। वह एक दूसरे की पूरक है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती खुशबू गुप्ता ने लोक कलाओं के संरक्षण पर जोर दिया और कहा यह हमारे पूर्वजों का इतिहास है जिसे हमें भावी पीढ़ी को हस्तांतरित करना है। उसके लिए आवश्यक है कि कलाकार की कला को समाज में उचित सम्मान और पहचान मिले।
कुमारी सृष्टि गोयल ने अपनी सफलता का मूल मंत्र कर्म योग और स्वयं पर विश्वास को माना। उन्होंने कहा यह लोक कलाएं हमारे देश की आत्मा है। प्रो. राजरानी शर्मा ने कहा कि यह एक वैचारिक मंच है जो ओज से परिपूर्ण है। विचार हमारी आत्मा का वस्त्र है, मौलिकता इस मंच की शोभा है। अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया।
ओजस्विनी विचार मंच की अध्यक्ष डॉ. कल्पना शर्मा द्वारा सभी अतिथि, प्रतिभागियों निर्णायक मंडल और ओजस्विनी बहनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीति शर्मा और डॉ. साधना पालीवाल ने किया। इस कार्यक्रम में 75 ओजस्विनी बहनों की उपस्थिति रही।