स्व आशाजी की याद में गालव म्यूजिकल ग्रुप ने संगीतमय संध्या की

Apr 27 2026

ग्वालियर। स्व आशाजी की याद में एक संगीतमय संध्या का आयोजन होटल सेलीब्रेशन में किया गया। गालव म्यूजिकल ग्रुप के एडमिन राजेन्द्र परिहार ने भारतीय संगीत की पार्श्व गायिका स्व आशा  को संगीतमय प्रस्तुति समर्पित की। निरूपमा मालपानी पिया तू अब तो आजा, अलीशा आइये मेहरबान और दिलीप कटारिया के साथ ड्यूट सांग अच्छा जी हारी चलो मान जाओ न, दीपा भदौरिया ने आओ हुज़ूर तुमको सितारों में ले चलूं , राधा मांझी ने दो लफ्जों की है दिल की कहानी, डाक्टर सुनील श्रीवास्तव और डाक्टर वर्षा श्रीवास्तव ने जरा सा झूम लूं मैं, डाक्टर सीमा खत्री ले गई ले गई के साथ ड्यूट सांग व्हीएन पांडे के साथ चुरा लिया है तुमने जो दिल को, डाक्टर पूनम ने ये रातें ये मौसम नदी का किनारा, प्रदीप वार्ष्णेय और निरूपमा ने रात के हमस$फर थक के घर को चले, डाक्टर नीलम सिंह ने अजनबी कौन हो तुम, प्रेम राजावत ने कह दूं तुम्हें या चुप रहूं दिल में मेरे आज क्या है, व्हीएन पांडे ने जाने ए जा ढूंढता फिर रहा, राजेन्द्र परिहार ने मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो, डाक्टर एन पीएस भदौरिया ने हमें और जीने की चाहत न होती, अरूण चौधरी ने ये पर्दा हटा दो, आनंद श्रीवास्तव ने एक दिन तेरी राहों में, दिलीप कटारिया ने तू किसी और की जागीर में एक जाने ए $गज़ल, सुनील सोनी ने है कोई रोको न दीवाने को, सारा जमाना हसीनों का दीवाना एवं राहुल शर्मा जीने मैं तेरे प्यार में पागल दिल एवं दिलबर मेरे कब तक मुझे को संजय चौरासिया म्यूजिक डारेक्टर हरीश बत्रा जुबा पे नाम लुभा लेने वाली पर्फोर्मेंस-प्रस्तुत किए।
समापन पर राजेन्द्र परिहार ने सभी सिंगर द्वारा आशा जी को समर्पित गाने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि संगीत ही ऐसा माध्यम है जिसमें हमेशा शख्श अमर रहता है। अपनी खूबसूरत आवाज के माध्यम से ईश्वरीय वरदान है ये यदि आप शौकिया स्वर साधना में जीवन समर्पित रखते हैं संगीत की महफिल में हमेशा जीवंत बने रहते है।