इनोवेशन की शुरुआत आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग से होती है

Apr 26 2026

ग्वालियर। एमआईटीएस में आयोजित पांच दिवसीय आईडीई बूटकैम्प का पांचवां एवं अंतिम दिन ज्ञान-संवर्धन, मूल्यांकन तथा औपचारिक समापन के साथ संपन्न हुआ। सुबह के सत्र में सौरभ आर निर्मले, क्षेत्रीय परामर्शदाता, एआईसीटीई द्वारा पेटेंट, प्रोसेस एवं डॉक्यूमेंटेशन विषय पर एक व्याख्यान के साथ हुई। इस सत्र में उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकार के महत्व, पेटेंट फाइलिंग की चरणबद्ध प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजीकरण तथा नवाचार को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के तरीकों पर विस्तृत प्रकाश डाला। विशेष रूप से स्टार्टअप परिप्रेक्ष्य में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी भी अभिनव विचार को बाज़ार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाने हेतु उसका पेटेंट संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, सुव्यवस्थित डॉक्यूमेंटेशन निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ करता है तथा स्केलेबिलिटी और अनुपालन सुनिश्चित करने में सहायक होता है।
प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन सत्र में छात्रों ने भाग लिया, जिसमें उन्होंने अपने स्टार्टअप विचारों को विशेषज्ञों एवं संकाय सदस्यों के समक्ष अंतिम मूल्यांकन हेतु प्रस्तुत किया। इस सत्र में प्रतिभागियों ने समस्या की पहचान, समाधान की व्यवहार्यता, बिजनेस मॉडल, तकनीकी क्रियान्वयन तथा बाजार संभावनाओं जैसे विभिन्न आयामों पर अपने विचारों को स्पष्ट एवं संरचित रूप में प्रस्तुत किया। 
कोलोकीयम हॉल में बूटकैम्प के समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरके पंडित, एआईसीटीई के क्षेत्रीय परामर्शदाता सौरभ आर निर्मले, डीन प्लानिंग डॉ. प्रतेश जायसवाल, मास्टर ट्रेनर गौरी गोपीनाथ, एसबीआई के प्रकाश शुक्ला, डीन पब्लिक रिलेशन्स डॉ. मनीष दीक्षित आदि उपस्थित रहे।