नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

Apr 17 2026

ग्वालियर। दौलतगंज स्थित राजा बाक्षर मंदिर पर चल रहे उर्स शताब्दी समारोह के अंतर्गत भागवत कथा के चौथे दिन पंडित हरिओम महाराज ने कहा सृष्टि पर नियंत्रण करने के लिए मृत्यु लोक में भगवान ने अपने पार्षदों को नियुक्त किया है जो सदैव मनुष्य को संचालित करते हैं मन बड़ा विश्वास घाती है मन का विश्वास मत करो उसे अंकुश में रखो महाराज श्री ने कहा जो जीव सदैव प्रभु की भक्ति करता है तो उसे शक्ति मिलती है उन्होंने राजा बलि की कथा सुनाते हुए कहा यदि मनुष्य पूरी निष्ठा से प्रभु की भक्ति करता है तो वह राजा बलि बनता है एवं उस पर कृपा करने के लिए भगवान स्वयं वामन के रूप में पधारते हैं और राजा बलि से तीन पग भूमि की मांग की जब दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य ने रोकने का प्रयास किया तो बामन रूपी भगवान विष्णु ने उनकी एक आंख में सीख डाल दी। इस प्रकार राजा बलि ने भगवान को दो पद में तीनों लोक एवं एक पग अपने ऊपर रखकर भगवान को अर्पण कर दिया।
महाराज श्री ने आगे की कथा सुनाते हुए कहा की राम कथा हमारे मार्गदर्शक है मनुष्य का मन कैसा है इसको जानने के लिए रामायण का पढऩा आवश्यक है क्योंकि रामायण का मनन करने से उसमें अपना मन दिखाई पडऩे लगता है कथा व्यास हरिओम जी महाराज ने कहा यदि भौतिक चीजों का मनुष्य चिंतन छोड़ दें तो वह प्रभु में लीन हो सकता है। कथा के अंत में परीक्षित श्रीमती रमा संतोष कृतिका अंकित रेनू गगन अग्रवाल मंदिर के महल तरुण सूर्यवंशी सुनील सूर्यवंशी अजय दुबे प्रताप शर्मा गगन यादव अंकित कुकरेजा योगेश बेदोरिया बाबूलाल चौरसिया मनीराम पाल रामबाबू अग्रवाल सहित अनेक लोगों ने श्री भागवत महापुराण की आरती की आरती के उपरांत प्रसादी वितरण की गई।