मोबाइल से बढ़ रहा तनाव और आत्मघाती प्रवृत्तियां: डॉ. रश्मि

Apr 12 2026

ग्वालियर। बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत और सायबर अपराधों के खतरे को देखते हुए स्कूल में हेल्दी लाइफ स्टाइल, $फैमिली और डिजिटल हेल्थ विषय पर दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। आईएपी और एडोलेसेंट हेल्थ एकेडमी की शाखा द्वारा आयोजित वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को डिजिटल और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
प्रोजेक्ट प्रभारी व नेशनल स्पीकर डॉ. रश्मि गुप्ता ने डिजिटल हेल्थ पर बात करते हुए कहा कि यदि परिवार में खुले विचार और आपसी सम्मान हो, तो मोबाइल के कारण बढ़ते तनाव को कम किया जा सकता है। उन्होंने पेरेंट्स को खुद रोल मॉडल बनने की सलाह दी ताकि बच्चे सुरक्षित डिजिटल आदतों को अपना सकें। डॉ. अशोक बांगा ने फैमिली हेल्थ विषय पर बताया कि कैसे बदलती जीवनशैली में पारिवारिक रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं। डॉ. प्रतिभा धीर और कोषाध्यक्ष डॉ. विनीत चतुर्वेदी ने बच्चों की हेल्दी लाइफ स्टाइल पर जानकारी दी। उन्होंने बढ़ते बच्चों के लिए सही पोषण और शारीरिक व्यायाम के महत्व को समझाया। इस दौरान डॉ. वीके शर्मा, डॉ. मनोज बंसल भी उपस्थित रहे।
 बच्चों के लघु नाटिका ने जीता दिल 
सचिव डॉ. प्रवीण गर्ग और ट्रेजरर डॉ. संध्या आहूजा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 200 प्री-टीन (8 से 12 साल) बच्चों ने और अभिभावकों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने लघु नाटिका के जरिए डिजिटल खतरों को पेश किया। अंत में प्रिंसिपल नेहा और कोऑर्डिनेटर दीप्ति ने सभी विशेषज्ञों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए।