कलश यात्रा के साथ राघव ऋषि की भागवत कथा का शुभारम्भ

Apr 11 2026

ग्वालियर। ऋषि सेवा समिति ग्वालियर के तत्वावधान में जयेंद्रगंज स्थित माधव मंगल पैलेस में भागवत कथा का शुभारंभ हुआ जिसकी कलश यात्रा फालका बाजार स्थित राम मंदिर से प्रारम्भ होकर गिर्राज मंदिर, हाईकोर्ट होते हुए कथास्थल पर पूर्ण हुई। पीले वस्त्रों में 108 महिलाएं कलश लिए हुए बैंड-बाजे सहित मंगलगान करते हुए चल रहीं थीं। बग्घी पर सवार ऋषिजी नगरवासियों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। विभिन्न स्थानों पर पुष्पवृष्टि द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया साथ ही जलपान का प्रबन्ध भी यात्रामार्ग में कई स्थानों पर रहा। क्षेत्रवासियों का अदम्य उत्साह देखने को मिला।
श्रीमद्भागवत कथा का श्रीगणेश करते हुए वक्ता श्रीविद्या सिद्ध संत एवं ज्योतिष राघव ऋषि ने कहा कि साधना से ही साधन स्थिर होता है। भागवत कथा तीनों प्रकार के तापों को नष्ट करती है। कथा के माध्यम से सच्चिदानंद प्रभु की प्राप्ति होती है। जो आनन्द हमारे भीतर है उसे जीवन में किस प्रकार प्रकट करें यही भागवत शास्त्र सिखाता है। जैसे दूध में मक्खन रहता है फिर भी वह दिखाई नहीं देता, मंथन करने पर मिल जाता है। इसी प्रकार मानव मन को मंथन करके आनंद को प्रकट करना है। मनुष्य जीवन का लक्ष्य है परमात्मा से मिलना। उसी का जीवन सफल है जिसने प्रभु को प्राप्त किया।
भागवतशास्त्र का आदर्श दिव्य है। घर में रहकर के भगवान को कैसे प्राप्त किया जा सकता है। इस शास्त्र में सिखाया है। गोपियों ने घर नहीं छोड़ा। घर गृहस्थी का काम करते हुए भी भगवान को प्राप्त कर सकी। एक योगी को जो आनन्द समाधि में मिलता है वही आनंद आप घर में रहकर भी प्राप्त कर सकते है। पोथीपूजन एवं व्यासपूजन मुख्य यजमान श्रीमती चन्द्रकान्ता एवं शिवराम अग्रवाल द्वारा किया गया। श्रद्धालुओं का स्वागत अभिनन्दन श्रीमती प्रेमलता एवं आनन्द मोहन अग्रवाल द्वारा किया गया। कथा के अन्त में समिति के संतोष अग्रवाल, संजय शर्मा, उमेश उप्पल, प्रमोद गर्ग, रामबाबू अग्रवाल, अम्बरीश गुप्ता, रामसिंह तोमर, देवेन्द्र तिवारी, हरिओम मिश्र, उदय प्रताप चितौडिय़ा, मनीष गोयल, रामप्रसाद शाक्य, विष्णु पहारिया, अमित श्रीवास्तव, गिरीश शर्मा सहित अनेक भक्तों ने आरती की। समिति ने बताया कि रविवार की कथा में कपिलोपाख्यान, देवहूति कर्दम संवाद एवं ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण प्रसंग होगा।