एएनएम का कार्य रेडियोग्राफर को सौपा, संगठन ने उठाया मुद्दा

Apr 06 2026

ग्वालियर। एएनएम पद के समक्ष कार्य को रेडियोग्राफर से कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है वही रेडियोग्राफर कर्मी की दो-दो वेतन वृद्धि अभी लंबित हैं। जिससे रेडियोग्राफर कर्मी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। जबकि वह 25 वर्ष से रेडियोग्राफर डिग्री पर डार्क रूम असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। इसके चलते सर्व मानव कल्याण महासंघ ने इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में ले लिया है। अब न्यायालय के समक्ष 20 अप्रैल को याचिका दायर करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
ग्वालियर मानसिक आरोग्यशाला में बीते 25 वर्षों से रेडियोग्राफर की डिग्री पर आलोक सिंह सैनी डार्क रूम स्टैंड के पद पर है जबकि मानसिक आरोग्य शाला के संचालक के द्वारा श्री सैनी पर शिकायत का दबाव बनाए जाने हेतु जबरन एएनएम के कार्य की जिम्मेदारी सौपी है इसके चलते मामला तूल पकड़ गया है।
इसी संबंध में सर्व मानव कल्याण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप चौरसिया ने आलोक सिंह सैनी का समर्थन करते हुए आगामी 20 अप्रैल को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने का अल्टीमेटेटम दिया है साथ ही भ्रष्टाचारी और अनुशासनहीनता के संबंध में बात कही है। नहीं तो संचालक द्वारा दिए गए एनम के पद पर कार्य करने के आदेश पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
यहां बता दे कि बीती 31 मार्च को एएनएम श्रीमती सीमा रिटायर हो गई हैं। इस कारण ग्वालियर मानसिक आरोग्य शाला के संचालक ने डार्क रूम असिस्टेंट श्री सैनी को मानसिक आरोग्यशाला के साथ-साथ मर्सी होम में भी तीन दिन कार्य करने के निर्देश जारी किए हैं। शेष दिन यथावत मानसिक आरोग्यशाला के एक्स-रे विभाग में पूर्वी तरह कार्य करेंगे।
वेतन वृद्धि को लेकर शासन प्रशासन से की जा चुकी हैं कई शिकायतें
मानसिक आरोग्यशाला में पदस्थ डार्क रूम असिस्टेंट आलोक सिंह सैनी के वेतन वृद्धि एवं भुगतान का मामला कई दिनों से लंबित है और वह शासन प्रशासन से इस संबंध में कई बार शिकायत भी कर चुके हैं फिर भी कोई निराकरण नहीं हुआ है। श्री सैनी एवं सर्व मानव कल्याण महासंघ संगठन के द्वारा प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री एवं कमिश्नर तथा जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी शिकायत से अवगत करा चुके हैं और सीएम हेल्पलाइन भी लगाई गई हैं लेकिन अभी तक कोई निराकरण नहीं हुआ है श्री सैनी का कहना है कि 25 वर्ष पूरी हो चुकी हैं फिर भी समयमान नहीं दिया गया है और ना ही वेतन एवं एरियर दिया जा रहा है।