पूरी मुस्तैदी व गंभीरता के साथ करें जनगणना संबंधी संवैधानिक दायित्व का निर्वहन-कलेक्टर

Apr 01 2026

ग्वालियर। हम सबके लिये गर्व की बात है कि हमें विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्य जनगणना करने का सुअवसर मिला है। जनगणना का कार्य पूरी तरह संवैधानिक है। इसलिये पूरी गंभीरता व मुस्तैदी के साथ इस संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें। यह बात कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने बाल भवन में बुधवार से शुरू हुए तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण सत्र के उदघाटन अवसर पर प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों से कही। 
 इस प्रशिक्षण में 82 अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद इन अधिकारियों द्वारा जनगणना कार्य के लिये संलग्न किए गए प्रगणकों व सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित किया जायेगा। फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण के उदघाटन सत्र के दौरान निगमायुक्त एवं ग्वालियर शहर के प्रमुख जनगणना अधिकारी संघ प्रिय, जिला जनगणना अधिकारी अनिल बनवारिया व अपर आयुक्त निगम  मुनीष सिकरवार, जनगणना कार्यालय भोपाल से आए राकेश मीणा एवं मुख्य प्रशिक्षक एसबी ओझा उपस्थित थे। 
 कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती चौहान एवं निगमायुक्त संघ प्रिय ने फील्ड ट्रेनर्स से कहा कि प्रगणकों व सुपरवाइजर की हर शंका का समाधान करें, जिससे वे आम जनता की भ्रांतियों को दूर कर सकें। खासतौर पर आम जनता को यह समझाने की जरूरत है कि जनगणना के दौरान आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णत: गोपनीय रहेगी। साथ ही ऐसा स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा। इसलिये जनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी दें। जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं। 
पहली बार हो रही है डिजिटल जनगणना, स्वगणना का अवसर भी
देश में पहली बार डिजिटल रूप से जनगणना होने जा रही है। साथ ही देश में पहली बार स्व-गणना का अवसर भी लोगों को दिया गया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति एसई वेब पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में जनगणना संबंधी 34 बिंदुओं में अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकानों की गणना का कार्य करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा स्वत: ही मोबाइल एप पर 34 बिंदुओं में भरी गई जानकारी की जांच कर सत्यापन भी करेंगे। 
प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया कि भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य मध्यप्रदेश में 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा। इस चरण का उद्देश्य द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के लिये मास्टर फ्रेम तैयार करना है। जनगणना के द्वितीय चरण का काम फरवरी 2027 में होगा।
जिले में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी करेंगे जनगणना
ग्वालियर जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान के नेतृत्व में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी जनगणना-2027 के कार्य को अंजाम देंगे। इनमें लगभग 5 हजार प्रगणक व 829 पर्यवेक्षक, 41 चार्ज अधिकारी, 42 फील्ड ट्रेनर्स, 4 मास्टर ट्रेनर्स व 9 जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में निगमायुक्त प्रमुख जनगणना अधिकारी का दायित्व निभायेंगे। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत के सीईओ यह जिम्मेदारी निभायेंगे।
प्रगणक करेंगे डाटा संग्रहण और डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी 
मास्टर ट्रेनर एसबी ओझा ने प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी कि प्रगणक घर-घर जाकर ‘जनगणना 2027-एचएलओ’ मोबाइल एप का उपयोग कर डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी। जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का काम किया जायेगा। जिसमें 34 बिंदुओं में जानकारी संकलित होगी।