दुखालय में आने के बाद हम सुख ढंूढते हैं जो हमें नहीं मिलने वाला: भक्ति आश्रय महाराज

Mar 31 2026

ग्वालियर। वैष्णव संत और इस्कॉन के वरिष्ठ गुरु भक्ति आश्रय वैष्णव स्वामी महाराज ने इस्कॉन मंदिर दौलतगंज पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा मईया व बलभद्र भगवान की आरती की। इससे पहले महाराज का स्वागत मंदिर के प्रभुजी व माताजी ने पुष्प वर्षा व हरे नाम संकीर्तन कर किया। इसके बाद स्वामी महाराज के प्रवचन हुए। प्रवचन की शुरुआत भक्ति आश्रय महाराज ने हरे कृष्ण महामंत्र से की। उन्होंने बताया कि यह संसार दुखालय है, लेकिन मनुष्य यहां आने के बाद सुख ढूंढता है जबकि यहां कोई सुखी नहीं है। अगर मनुष्य को सुख चाहिए तो वह भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करे तभी वह इस 84 के जंजाल से मुक्ति पा सकता है। महाराजजी ने बताया कि हम अपना परिचय देते हैं कि हम फलां अधिकारी हैं जबकि हमारा कोई परिचय नहीं हैं। हम एक शरीर हैं जिसे एक दिन मिट जाना है। अगर कोई नहीं मिटने वाला है तो वह है आत्मा। जो अजर और अमर है। इसलिए हम अपने पद और इस शरीर पर कतई घमंड न करें क्योंकि यह दिन मिट्टी में मिल जाएगा। इस दौरान मंदिर के प्रमुख मानस चंद्र दास (महेंद्र प्रभु) सहित मंदिर के प्रभुजी व माताजी उपस्थित रहे।