हिंदी व्यंग्य नाटक खबसूरत बहू का हुआ मंचन

Mar 28 2026

ग्वालियर। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर आर्टिस्ट्स कंबाइन इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव रंग उत्सव 2026 का शुभारंभ नाट्य मंदिर दाल बाजार में सायं 6:30 बजे से हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ लावण्या गौड़ द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ,  इसके पश्चात सृष्टि पाठक एवं उनकी टीम द्वारा कथक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद मुख्य आकर्षण के रूप में प्रस्तुत हुआ हिंदी व्यंग्य नाटक खबसूरत बहू, जिसका निर्देशन दीपक सोनी द्वारा किया गया। ये नाटक संस्था आर्टिस्ट्स कंबाइन द्वारा किया गया। यह नाटक ग्रामीण समाज की मानसिकता, सुंदरता के प्रति आकर्षण और सामाजिक विडंबनाओं पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत करता है।
नाटक का संक्षेप विवरण
गांव का परिवेश स्थापित होता है, जहाँ एक परिवार में बहू की तलाश और खूबसूरती को लेकर चर्चा चलती है। समाज की सोच और दिखावे की मानसिकता उजागर होती है। रिश्ते की बातचीत आगे बढ़ती है और बहू के रूप-रंग को लेकर अतिरंजित उम्मीदें दिखाई जाती हैं। पात्रों के संवादों में हास्य और व्यंग्य का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। बहू का आगमन होता है। शुरुआत में उसकी सुंदरता को लेकर उत्साह और प्रशंसा दिखाई जाती है, लेकिन धीरे-धीरे व्यवहार और वास्तविकता सामने आने लगती है। परिवार और समाज की अपेक्षाओं के बीच बहू के व्यक्तित्व और वास्तविक जीवन की समस्याएं उभरती हैं। यहां व्यंग्य गहराता है और सामाजिक ढोंग पर चोट की जाती है। नाटक अपने चरम पर पहुंचता है, जहाँ यह संदेश दिया जाता है कि केवल बाहरी सुंदरता ही सब कुछ नहीं होती, बल्कि इंसान की समझ, संवेदना और व्यवहार ही असली मूल्य हैं। नाटक के सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा और दर्शकों की जोरदार तालियां गूंज उठीं।