गौरैया संरक्षण की मिसाल: साधना कोठारी

Mar 21 2026

ग्वालियर। साधना राजीव कोठारी ने गौरैया संरक्षण के लिए एक अनोखा अभियान शुरू किया है। उनका नारा है (गौरैया बुलाओ पर्यावरण बचाओ)। उन्होंने अभी तक 2 हजार से ज्यादा वर्ड हाउस निशुल्क वितरित कर विलुप्त होती प्रजाति को बचाने का संदेश दिया। इसके लिए वह पिछले 8-9 साल से दिन रात मेहनत कर रहीं हैं। अभियान की शुरुआत तब की जब उनके घर पर एक गौरैया ने घोंसला बनाया था। जिसके बच्चे ज़मीन पर गिर गए, तभी उन्होंने $फैसला कर लिया था कि इस विलुप्त होती प्रजाति को बचाने के लिए उसी समय से उन्होंने अपने घर में घोंसले बनाकर टाँगना शुरू कर दिया आज उनके घर में ढाई सौ से अधिक घोंसले टंगे हुए हैं।
साधना को बचपन से ही गौरैया से लगाव है और यही लगाव उन्हें इस मुहिम तक लाया है। उनका पूरा परिवार,उनके पति राजीव कोठारी का भरपूर  साथ मिलता है, और वे सभी मिलकर गौरैया संरक्षण के लिए काम कर रही हैं। साधना कोठारी ने स्कूलों और संस्थाओं में जाकर बच्चों को बर्ड हाउस बनाना सिखा रहीं हैं, जिससे वे भी गौरैया संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। वह बच्चों को सिखा रहीं हैं कि कैसे अपने घरों में गौरैया के लिए घोसले बना सकते हैं और उनकी देखभाल कर सकते हैं। गौरैया चिडिय़ा हमारे पर्यावरण के लिए बहुत ज़रूरी है, जो हानिकारक कीट पतंगे $फसल को नु$कसान पहुँचाते हैं उनको खा जाती है, जिससे $फसल पर लगने वाले कीट पतंगे हमारी $फसल को नु$कसान नहीं पहुँचा पाते।
साधना कोठारी ने कहा की अपने घर में गौरैया के लिए घोसले बनाएं, गौरैया को दाना पानी दें, गौरैया के घरों को न हटाएं और उन्हें परेशान न करें, अपने घर के आसपास के इलाके में पेड़ पौधे लगाएं। साधना का यह काम न केवल गौरैया की तादाद बढ़ाने में मदद कर रहा है, बल्कि यह बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जागरूक कर रहा है।
कार्यक्रम में गीता नगरिया उपाध्यक्ष महासभा, भारती खर्द निवर्तमान महासभा, दिलीप तपा अध्यक्ष बृहत्तर ग्वालियर, रानी बेडर अध्यक्ष महिला मंडल, डॉ मोनिका निगम साइंटिस्ट, अलका पहारिया महामंत्री बृहत्तर महिला मंडल कार्यक्रम आयोजक श्रीमती साधना राजीव कोठारी मंच की शोभा बढ़ाईं, आभार राजीव कोठारी ने व्यक्त किया।