24 घंटे का अखंड संगीत महाकुंभ ‘स्वर-ताल परिक्रमा’ आज

Mar 13 2026

ग्वालियर। शहर की समृद्ध शास्त्रीय संगीत परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से सांस्कृतिक संस्थाओं रागायन, स्वरांजलि कला साधक, स्वर संस्कार और रंगभूमि कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में ‘अखंड संगीत महाकुंभ स्वर-ताल परिक्रमा 2026’ का आयोजन 14 मार्च से किया जा रहा है। इस आयोजन में शास्त्रीय गायन और वादन की 24 घंटे की अखंड संगीत साधना होगी। शाला के बैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवक दास महाराज एवं अनूप मोघे ने बताया कि ग्वालियर की समृद्ध संगीत विरासत और शास्त्रीय संगीत की ‘आठ पहर के राग’ की परंपरा को संरक्षित रखने के उद्देश्य से यह विशेष आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य ध्येय आठों पहर के रागों का गायन-वादन कर ग्वालियर की प्राचीन संगीत परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस अखंड संगीत साधना में ग्वालियर नगर के 15 वर्ष के युवा कलाकारों से लेकर 80 वर्ष तक के वरिष्ठ संगीत साधक अपनी प्रस्तुतियां देंगे। लगभग 70 कलाकारों द्वारा 24 घंटे लगातार शास्त्रीय गायन, तबला, सितार, सुरबहार, वायलिन, बांसुरी और हारमोनियम वादन की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र 14 मार्च को प्रात: 8 बजे होगा। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ संगीत साधक पं. मधुकर तेलंग उपस्थित रहेंगे। समापन 15 मार्च को प्रात: 7:30 बजे होगा। समापन सत्र के मुख्य अतिथि सच्चिदानंद नाथ ढोलीबुआ महाराज होंगे।