शिक्षा ही समानता का आधार है: डॉ. सिसोदिया

Mar 11 2026

ग्वालियर। प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की पुण्यतिथि पर जीवाजी विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व अध्ययनशाला में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि विभागाध्यक्ष डॉ. शांतिदेव सिसोदिया थे। अध्यक्षता सामाजिक समरसता मंच के प्रदेश प्रभारी कपिल भार्गव ने की। शुरुआत में अतिथियों के साथ शिक्षकों व छात्र छात्राओं ने मां सरस्वती और माता सावित्री बाई फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया। 
इस अवसर पर डॉ. शांतिदेव सिसोदिया ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने छुआछूत, सती प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों से समाज को मुक्त कराने के लिए उनके प्रयास नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए युग का सूत्रपात करते हैं। उन्होंने ने कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर उच्च शिक्षा मिलनी चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही समानता का आधार है। 
कपिल भार्गव ने सावित्री बाई फुले के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। आखिर में अध्ययनशाला के शिक्षकों व छात्र छात्राओं को मिट्टी के सकोरे वितरित कर उन्हें प्रतिदिन पानी भरने और पक्षियों के लिए अपने घरों की छतों में रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. शिवकुमारी सिंह, डॉ. गंगोत्री मिश्रा, डॉ. कृतिका प्रधान, डॉ. दिव्या कोठारी, डॉ. यशी जैन, डॉ. ज्योति गुप्ता, डॉ. अमित कुमार यादव, डॉ. मुक्ता जैन, डॉ. दीप्ति राठौर, डॉ. दीप्ति गर्ग, डॉ. आनंद धाकड़, डॉ. आरती भदौरिया, राहुल कुमार, आकाश शर्मा, प्रिया सुमन, वैशाली सुमन, वैभव शर्मा, तमन्ना शर्मा आदि उपस्थित रहे।