मां वही जो अपने बच्चों को भक्त बना दे: गिरजेश द्विवेदी

Mar 07 2026

करैरा। ढाडे वाले हनुमानजी मंदिर ग्राम टोडा में श्रीमद्भागवत कथा में गिरजेश महाराज ने कहा कि मां का कर्तव्य है कि वो अपने बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण करे तथा उन्हें भक्तिमार्ग में अग्रसर करे। मां वही है जो अपने बच्चों को भक्त बना दे। उन्होंने कहा कि जिस मां का लाल भगवान का भजन करता है, उसकी कोख पवित्र हो जाती है, लेकिन बच्चे भजन तभी करते हैं जब उनके मां-बाप भजन करते हैं। महाराज ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है तथा देवताओं को आहूति लगती है, इसलिए हर सनातनी को यज्ञ में आहूति जरूर डालना चाहिए।
दुबे परिवार द्वारा आयोजित कथा में उन्होंने रसवर्षा करते हुए कहा कि भगवान को युगल भक्ति प्रिय हैं। सीताराम और राधेश्याम का स्मरण करें। सूर्पनखा ने सिर्फ राम को और रावण ने सिर्फ जानकी को पाने की कोशिश की, ,इसलिए सूर्पनखा को नाक-कान गंवाना पड़े और रावण को परिवार सहित नष्ट होना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहली भक्ति संतों का संग है। जब संतों का संग हो जाता है तो भगवत मार्ग का रास्ता साफ हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिव्हा का काम बोलना है,इसलिए इससे भगवत नाम लेते रहे, अन्यथा ये कुछ न कुछ अनर्गल बोलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब हम भगवान का स्मरण करते हैं तो वो भी हमारा स्मरण करता है। बेटा बाप को याद करेगा तो बाप की बेटे को दुलार करेगा। सोने से पहले मां-बाप में ईश्वर के दर्शन करते हुए उनके चरण जरूर दबाएं। चरण दबाने से हम किसी को भी वश मेें कर सकते हैं।
महाराज ने बताया कि भगवान को एक बार साष्टांग प्रणाम करने से 100 अश्वमेज्ञ एवं राजसूय यज्ञ का फल प्राप्त होता है। भगवान का दास बनने से मुक्ति मिल जाती है। संसार से मित्रता करोगे तो वह स्थाई नहीं रहेगी,लेकिन भगवान से मित्रता करोगे तो कल्याण हो जाएगा।
इस मौके पर रामस्वरूप दुबे, रामगोपाल दुबे, महेशदुबे, मनोज दुबे, प्रवीण दुबे, सतीश दुबे, नीरज दुबे, हर्षित, रितिक अतुल, राहुल,पूर्णांक, अमन संस्कार,अंश, रुद्र सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौैजूद रहे।