सदभावना के रंग में रंगने का पावन पर्व होली-आदर्श दीदी
Mar 06 2026
ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के माधौगंज सेवाकेंद्र पर अलौकिक होली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 350 से अधिक भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आध्यात्मिक उमंग और आनंद का अनुभव किया। कार्यक्रम का शुभारंभआध्यात्मिक गीतों, भक्तिमय संगीत एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण दिव्यता और आध्यात्मिक रंगों से सराबोर हो गया।
सेवाकेंद्र की प्रमुख संचालिका बीके आदर्श दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि होली केवल बाहरी रंगों का ही उत्सव नहीं, बल्कि इसके साथ-साथ आत्मा को ज्ञान, पवित्रता और सद्भावना के रंग में रंगने का पावन पर्व भी है। भारतीय संस्कृति में प्रत्येक त्योहार आत्मिक जागृति और जीवन उत्थान का संदेश देता है। ‘होली’ का अर्थ है ‘हो ली ‘, अर्थात बीती बातों को छोडक़र नए संकल्पों और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩा। उन्होंने कहा कि होली का एक अर्थ पावन या पवित्र भी होता है, इसलिए हमें अपने मन को ईर्ष्या, द्वेष, घृणा और नकारात्मकता से मुक्त कर पवित्रता अपनानी चाहिए। पवित्रता ही
ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर हुआ होली स्नेह मिलन का कार्यक्रम मानव जीवन का वास्तविक श्रृंगार है, जो सुख, शांति और समृद्धि का आधार बनती है। इस अवसर पर बीके गुरचरण भाई ने कहा कि आत्मिक गुणों और आध्यात्मिक ज्ञान की होली जीवन में स्थायी सुख और शांति प्रदान करती है। आत्मबोध से मनुष्य भेदभाव से ऊपर उठकर विश्व-बंधुत्व की भावना को अपनाता है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने आप को परमात्मा के रंग मे रंग लेते हैं, तो हमारे अंदर की सारी बुराइयां नष्ट हो जाती हैं और हमारा जीवन दिव्य बन जाता है। कार्यक्रम के अंत में बीके आदर्श दीदी ने सभी को चंदन तिलक लगाकर एवं पुष्पवर्षा कर होली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बीके महिमा बहन, बीके जीतू आदि उपस्थित रहे।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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