गोलपाढ़ा बालाजी धाम में नारियल की जलाई गई होली, गूंजे भक्त पहलाद के जय जयकारे

Mar 03 2026

ग्वालियर। संकट मोचन हनुमान बालाजी धाम मंदिर गोलपाड़ा के चरण सेबक जगबीर दास ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में लोगों के द्वारा एकत्रित किए गए होली पर चढ़ाए गए नारियल की होली जलाई गई। जगबीर दास का कहना है घर-घर होलिका दहन गली मोहल्ले में होलिका दहन हमें यह प्रमाणित करता है कि अग्नि समरथ है वह कुछ भी जला सकती है भस्म कर सकती है। लेकिन परमात्मा के प्रेम और विश्वास को कभी नहीं जला सकती चाहे पिता ही दुश्मन क्यों ना हो जाए, बुआ के रूप में उसका परिवार ही दुश्मन क्यों ना हो जाए, लेकिन परमपिता परमात्मा के विश्वास को नहीं जलाया जा सकता ऐसा भक्त पहलाद के जिंदा रहने से बचने से और होलिका के जल जाने से प्रमाणित होता है।
ईश्वर पर प्रेम विश्वास करने वाले का कभी कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.। इसी खुशी और उल्लास में लोग पकवान बनाते हैं। एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते हैं रंगों में शराबोर हो जाते हैं। यह रंगों का त्यौहार हमें सीधे ईश्वर से जोड़ता है। जगबीर दास ने बताया कि होलिका एक संकट व्याधि बुराई का स्वरूप है और भक्त पहलाद एक भक्ति शक्ति आस्था विश्वास का प्रतीक है। सभी हिंदू सनातनी भक्त जनों से निवेदन करते हुए कहा बुराई रूपी होलिका की जयकार ना करें क्योंकि वह तो भस्म हो गई जो शेष भक्त प्रहलाद बालक रूप में है उनकी प्राण रक्षा प्रभु ईश्वर ने की है उनकी जय जय कार करें। साथ ही जगबीर दास ने कहा कि केमिकल के रंगों से होली ना खेलें गंदगी कीचड़ में होली ना खेलें।
नारियल से होली जलाने का कारण उन्होंने बताया नारियल जलने से जो धुआं निकलता है वह प्रतिरक्षा करता है और धार्मिक दृष्टि से नारियल का अपना एक अलग महत्व है स्थान है आज यहां भक्त जनों ने होलिका दहन किया है और भक्त प्रहलाद के नारों से मंदिर परिसर गूंजाएमान कर दिया है