केन्द्र को यूजीसी बिल वापस लेना ही होगा, एस 4 का 8 मार्च को महाआंदोलन

Mar 02 2026

ग्वालियर। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सवर्ण समाज समन्वय समिति के प्रमुख डा राज शेखावत ने कहा है कि केन्द्र की भाजपा सरकार को यूजीसी बिल 2026 वापस लेना होगा। इसके लिये देश भर से सवर्ण समाज के नागरिकों की ओर से केन्द्र सरकार को चेतावनी है कि यदि यूजीसी बिल वापस नहीं लिया तो व्यापक आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में यूजीसी रोल बैक महाआंदोलन भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से लाखों लोग शिरकत करेंगे।
आज देशभर में यूजीसी बिल के विरोध में जनजागरण कर रहे डा राज शेखावत ने बताया कि केन्द्र सरकार की दोहरी नीति से सवर्ण समाज के लोग काफी आक्रोशित है, यह यूजीसी बिल जानबूझकर सवर्ण समाज को परेशान करने के लिये लाया गया है। हैरानी की बात यह है कि देश की संसद में बैठे 140 सवर्ण समाज के सांसदों ने इस पर उफ तक नहीं की है। समझ में  नहीं आता कि इन्हें कैसी मजबूरी है। हमने भाजपा को खडा किया, हमने भाजपा को दिये हमारे वोट से ही भाजपा की सरकार बनी और हम ही (सवर्ण समाज) परेशान हो रहा है।
डा राज शेखावत ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, सहित अनेक राज्यों में इस वर्ष समाज समन्वय समिति के लोग यूजीसी बिल के विरोध में जनजागरण यात्रा निकाल रहे हैं, जिसको सभी देश वासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। डा शेखावत ने कहा कि हमारा अभी भी केन्द्र सरकार व भाजपा से आग्रह है कि यह यूजीसी रूपी काला कानून वापस ले। अन्यथा भाजपा को सत्ता से हटाना ही हमारा लक्ष्य होगा।
डा शेखावत ने साथ ही इस मौके पर करणी सेना महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष डा संगीता सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता महेन्द्र सिंह ने बताया कि सवण्र समाज समन्वय समिति (एस-4) यूजीसी एक्ट 2026 को लेकर उत्पन्न संवैधानिक सामाजिक एवं शैक्षणिक दुष्परिणामों के विरूद्ध लोकतांत्रिक संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रही है।
हमारी मांग है कि, यूजीसी रेग्यूलेशनस -2026 को असंवैधानिक होने के कारण तुरंत पूर्णत: रोलबैक किया जाए, सामान्य/ अनारक्षित वर्ग को भी स्पष्ट संवैधानिक व विधिक संरक्षण दिया जाए, गजट अधिसूचना की सभी परिभाषाएं स्पष्ट, वस्तुनिष्ठ व गैर मनमानी बनाई जाएं, इक्विटी समितियों में संतुलित, निष्पक्ष व समावेशी प्रतिनिधित्व किया जाए, झूठी व दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर कठोर दंडात्मक प्रावधान जोडे जाएं,नई समीक्षा/ क्रियान्वयन समिति में हमारे संगठन/ समुदाय के प्रतिनिध को शामिल किया जाए, ऐसे नियम बनाये जाएं जो सामाजिक समरसता व राष्ट्रीय एकता को मजबूत करें, न कि विभाजन बढाएं, इस असंवैधानिक गजट के निर्माण में जिम्मेदार व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई हो, एंटी रैगिंग एक्ट को पुन: लागू किया जाए, विश्वविद्यालय प्रशासन की जबाबदेही तय कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर करणी सेना व सवर्ण समाज संगठनों के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इसके बाद करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा राज शेखावत ने जिला प्रशासन को यूजीसी के विरोध में एक ज्ञापन भी सौंपा।