आमलकी एकादशी:आंवले की पूजा कर परिक्रमा लगाई

Feb 28 2026

ग्वालियर। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी का व्रत श्रद्धालुओं ने बुधवार को किया। इसमें भगवान विष्णु की आराधना के साथ-साथ आंवले की पूजा की गई। आर्द्रा एवं पुनर्वसु नक्षत्र में शुक्रवार को आमलकी एकादशी मनाई गई। सुहागिन महिलाओं ने आंवला वृक्ष की पूजा की और परिक्रमा लगाई। साथ ही पेड़ पर कलावा बांधकर घर की खुशहाली के लिए कामना की।
श्री परशुराम सर्व ब्राह्मण संघ की राष्ट्रीय महामंत्री मधु भार्गव के साथ कई महिलाएं सामूहिक रूप से पूजन के लिए शिव शक्ति धाम मॉडल टाउन पहुंची। जहां उन्होंने आंवला वृक्ष को भगवान विष्णु मानकर केसर, चंदन, फूल, धूप, नैवेद्य सहित आंवला चढ़ाकर घी का दीपक जलाया। वहीं आमलकी एकादशी की कथा सुनीं और 108 परिक्रमा लगाते हुए आरती उतारी। इसके बाद महिलाओं ने वृक्ष के नीचे ही बैठकर अपना उपवास खोला। इस अवसर पर मधु भार्गव के साथ गीता शर्मा, रमा यादव, साधना भार्गव, कैलाशी धाकड़, नम्रता शर्मा, प्रियंका पाठक, सुनीता यादव, विनीता शर्मा ने आंवले का पौधा लगाकर इसमें जल अर्पित कर दीपक जलाकर प्रतिदिन पूजा करने का संकल्प लिया।
मधु भार्गव ने कहा, एकादशी पर आंवले के पेड़ की पूजा आंवले का दान विशेष पुण्यदायक माना है। मान्यता है कि इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती भगवान विष्णु की पूजा के साथ श्रीफल अर्पण और धार्मिक मंत्रों के जप का महत्व बताया गया है।