नारी के अंदर सप्त शक्तियां समाहित हैं-रेखा चूड़ासमा

Feb 23 2026

ग्वालियर। नारी के अंदर सप्त शक्तियां समाहित हैं बस आवश्यकता है कि वह उन शक्तियों को पहचान कर पहले परिवार फिर समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित करें। नारी परिवार की, समाज की इस संपूर्ण राष्ट्र की धुरी है। नारी के अंदर समाहित मातृत्व का गुण सबसे प्रमुख है।  इसलिए अपने मातृत्व के कर्तव्य के लिए उसका प्रतिबद्ध होना बेहद आवश्यक है। वर्तमान में जो परिस्थितियां बिगड़ रही हैं उसका मूल कारण है कि मां अपने कर्तव्य से कहीं ना कहीं चूक रही है या विमुख हो रही है। यह विचार कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित अखिल भारतीय बालिका शिक्षा संयोजिका, विद्या भारती की सुश्री रेखा चूड़ासमा दीदी ने व्यक्त किए।
विद्या भारती मध्यभारत प्रांत द्वारा मातृशक्ति केंद्रित विशेष अभियान सप्तशक्ति संगम के अंतर्गत आयोजित प्रांत स्तरीय समापन समारोह ग्वालियर की पावन धरती पर अत्यंत गरिमामय और प्रेरणामय वातावरण में संपन्न हुआ। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, उत्साह और मातृशक्ति के तेजस्वी संकल्प से आलोकित रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती कल्पना शर्मा (कुलगुरु महारानी लक्ष्मीबाई शारीरिक शैक्षणिक संस्थान) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री रेखा चूड़ासमा (अखिल भारतीय बालिका शिक्षा संयोजिका, विद्या भारती) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. वंदना गांधी अग्रवाल (सूचना आयुक्त मध्यप्रदेश शासन) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
मध्यभारत प्रांत में इस अभियान के अंतर्गत 6000 से अधिक मातृ गोष्ठियों का सफल आयोजन हुआ। इन गोष्ठियों के माध्यम से मातृशक्ति जागरण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी चेतना, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक समरसता जैसे जीवनोपयोगी विषयों पर व्यापक जनजागरण हुआ। प्रत्येक गोष्ठी समाज में संस्कार, संवेदना और संगठन का दीप प्रज्जवलित  करने का माध्यम बनी।
समापन अवसर पर उपस्थित मातृशक्ति ने राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय, सशक्त और संस्कारित भूमिका का संकल्प पुन: दृढ़ता से दोहराया। वातावरण देशभक्ति, आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत रहा। यह प्रेरणादायी समारोह न केवल एक अभियान का समापन था, अपितु मातृशक्ति के जागरण और समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में उनकी उल्लेखनीय, प्रभावी सहभागिता का सशक्त उद्घोष भी बना।