ग्वालियर गीत समारोह की संगोष्ठी हुई

Feb 23 2026

ग्वालियर। ग्वालियर गीत समारोह गीत कौमुदी राष्ट्रीय गीत संगोष्ठी बिरला नगर स्थित श्याम वाटिका में हुई। जिसमें मुख्य अतिथि निगम उपायुक्त शिशिर श्रीवास्तव ने कहा, शहर की धरा साहित्य, कला, धर्म व प्रकृति सौंदर्य, वास्तुकला के वरदान की अग्रणी भूमिका में है। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार राजकिशोर वाजपेई ने कहा गीत में वह शक्ति है जो नवरसों को लाकर अंतर्मन को आनंदित कर देता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में जगदीश तोमर ने कहा, ग्वालियर गीत की भूमि है, संगीत की भूमि हैं, रीति व प्रीति की भूमि हैं। गीतों के क्रम में डॉ संकल्प श्रीवास्तव ने हो रही हैं उन्नत महत्वकांक्षाएं, भाव क्षीण होते जा रहे हैं, डॉ भावना चौपड़ा आरोही ने मैं शब्द हूं और शब्द का विन्यास हो तुम, रेखा भदौरिया ने आत्मनिर्भर होकर हम बढ़े आगे बढ़े, राम अवतार सिंह रास ने चेहरा चेहरा खिला हुआ है अंतर में हो मीठी यादें, डॉ वसुंधरा व्यास ने तुम्हारी याद की पाती है मेरे घर रोज आती, राज किशोर राज ने जीवन में नफरत का मत व्यापार करो, दुनिया में बस प्यार करो, बस प्यार करो, दिनेश प्रियजन ने एक रंग और भरो पिचकारी में की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर  राजेश शर्मा, घनश्याम भारती, ललित मोहन त्रिवेदी, प्रदीप पुष्पेंद्र, सुरेंद्रपाल सिंह कुशवाह, डॉ. किंकर पाल सिंह जादौन, रामचरण रुचिर, विजय सेठी अकेला, महेंद्र मुक्त, डॉक्टर मनोज चौपड़ा, राजहंस त्यागी, रविप्रकाश कामिल, पुष्पा मिश्रा, पुष्पा सिसौदिया, डॉ भगवान स्वरूप चैतन्य, दिनेश विकल,सरिता चौहान, अनुभवी शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने किया।